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बिना हाथ पैर के जन्मे निकोलस वुजिसिक कैसे बन गए लोगों के बीच जीवन प्रेरक | Nick Vujicic In Hindi

बिना हाथ पैर के जन्मे निकोलस वुजिसिक कैसे बन गए लोगों के बीच जीवन प्रेरक | Nick Vujicic In Hindi

In : Meri kalam se By storytimes About :-5 months ago
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हार मत मानें। और इस बात को जानें कि हमेशा कोई न कोई होता है जो आप में यकीन करता है और जो आपको उसी रूप में प्यार करता है जैसे आप हैं। - Nick Vujicic  निकोलस वुजिसिक

  • पूरा नाम - निकोलस वुजिसिक
  • जन्म दिनांक - 4 दिसंबर 1982 (उम्र 36 वर्ष)
  • जन्म स्थान - मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया
  • पिता का नाम - बोरिस वुजिक
  • माता का नाम - दुष्का वुजिक
  • पत्नी का नाम - कान्य मय्यहारा (विवाह साल 2012)
  • संतान के नाम - देजन लेवी  वुजिसिक ,कियोशी जेम्स  वुजिसिक , ऐली लॉरेल  वुजिसिक, ओलिविया मेई  वुजिसिक
  • टीवी और फिल्में - बटरफ्लाई सर्कस, द लॉस्ट शीप, बेटर मैन इवेंट,  निकोलस वुजिसिक : बी द हैंड्स एंड फीट

दोस्तों एक बार सोच ले की हमें अपने हाथ और पैरों के बिना हमारे जीवन का कुछ समय जीना है तब आपको ये बहुत मुश्किल लगेगा और आप ये सोचना भी बंद कर देंगे लेकिन दोस्तों एक शख्स है जो अपने जीवन को इस तरह जी रहा है उस शख्स का नाम है निकोलस वुजिसिक का जन्म 1982 को मेलबोर्न, ऑस्ट्रेलिया में हुआ था निकोलस का जन्म बिना हाथ पैरों के ही हुआ था. 

Nick Vujicic

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जन्म के बाद कई बड़े डॉक्टर निकोलस की इस अवस्था को सुधारने में विफल हुए फिर भी आज निकोलस अपने जीवन को बिना हाथ पैरों के जी रहे है लेकिन बचपन में अपने इस शरीर के साथ निकोलस को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा निकोलस के सामने हर समय अपने जीवन को जीने की चुनौतियां थी लेकिन निकोलस ने अपने इस बुरे समय के आगे हार नहीं मानी और एक आम इंसान की तरह अपने जीवन को जीने की कोशिश करने लगे.

निकोलस आश्चर्य होता था की में दूसरे लोगो से अलग क्यों हु. अपने जीवन के इस सफर में ये सवाल पूछा करते थे लेकिन दोस्तों इस बात से निकोलस का ये उद्देश्य नहीं है की ये सवाल उन्हें हर समय परेशान करता है.

निकोलस के अनुसार अपने जीवन में ताकत और जो भी उपलब्धि हासिल की वो सब भगवान की देन मानते है निकोलस ने बताया की में अपने जीवन में जिस भी व्यक्ति से मिला उस शख्स ने मुझे हमेशा सफल होने की और प्रेरित किया.

Nick Vujicic

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निक ने अपने जीवन में 19 साल की उम्र में पहली बार स्टेज पर भाषण दिया और वो आज पूरी दुनिया में यात्रा कर रहे है और अपने जीवन से जुड़ी प्रेरणादायी घटनाओ के बारे में बता कर लोगों को प्रेरित कर रहे है आज पूरी दुनिया में निकोलस लाखों चाहने वाले है वे सभी उनके इस जीवन संघर्ष से प्रेरित होते है निकोलस ने अपनी शिक्षा के दौरान भी कई सम्मान हासिल किये निकोलस आज एक संगीतकार, लेखक , और उन्हें फिशिंग और स्विमिंग से काफी लगाव है.

निकोलस ने अपने जीवन में सबसे लंबी यात्रा साल 2007 में  ऑस्ट्रेलिया से दक्षिण कैलिफ़ोर्निया के सफर के दौरान की तब वहां उन्हें "इंटरनेशनल नॉन-प्रॉफिट मिनिस्ट्री, लाइफ विथआउट लिम्बस" का अध्यक्ष बनाया गया इस की नीँव साल 2005 में रखी गई थी निकोलस को अपने जीवन में आये संघर्षो का बहादुरी से सामना करने के लिए साल 1990 में ऑस्ट्रेलियन यंग सिटीजन अवार्ड दिया गया. और साल 2005 में निकोलस का नाम यंग ऑस्ट्रेलियन ऑफ़ द इयर सम्मान के लिए भी निर्देशन किया गया था.

Nick Vujicic

Source www.mjd.si

निकोलस का कहना है की " यदि भगवान किसी बिना हाथ और पैर वाले इंसान का उपयोग अपने हात और पैर समझकर करते है, तो वे किसी के भी दिल का उपयोग कर सकते है" - निकोलस वुजिसिक

हमारे जीवन में जिस मोड़ पर भी जब हमारे सामने कोई मुश्किल आ जाती है तब हर शख्स बस यहीं सोचता की यार ये सब भगवान मेरे साथ ही क्यों करता है. और अपनी परेशानी के बारे में सोच-सोच कर काफी परेशान होने लग जाते है लेकिन दोस्तों उस दौरान अपने बुरे समय को न कोसते हुए उस समस्या का डटकर सामना करना चाहिए. और अपनी समस्या से तब तक लड़ते रहे जब तक वो समस्या आपके हौसले के आगे हार मान ले. दोस्तों ये बिलकुल असंभव नहीं है आप इसे कर सकते है.

"डर सबसे बड़ी विकलांगता है" - Nick Vujicic निक व्युजेसिक

दोस्तों आज निक 36 साल की उम्र में एक सफल जीवन प्रेरक वक्ता है साथ ही आज वो अपने जीवन में वो सब कार्य करते है जो फिजिकली फिट इंसान करता है निक बिना हाथ पैर के भी गोल्फ व फुटबॉल तैराकी , और स्काइडाइविंग , बड़ी आसानी से करते है. जो एक अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि है लेकिन दोस्तों उनके जीवन के बात सबसे ज्यादा प्रभावित करती है निक के जीवन को लेकर खुशी और अपने जीवन के इस संकट से न हारकर बड़ी आसानी से जीवन जीना. उनके आज जीवन के प्रति ये प्रेरणात्मक विचार पूरी दुनिया को जीने का तरीका सीखा रहे रहें.

निक चाहते है की वो अपने जीवन में भौतिक सीमाओं में ही रहकर अपने जीवन को समाप्त नहीं करना चाहते यहीं वजह है की आज निक 44 से अधिक देशो की यात्रा कर चुकें है.