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देश की पहली पद्मश्री विजेता ट्रांसजेंडर नर्तकी नटराज का जीवन संघर्ष | Narthaki Nataraj In Hindi

देश की पहली पद्मश्री विजेता ट्रांसजेंडर नर्तकी नटराज का जीवन संघर्ष | Narthaki Nataraj In Hindi

In : Meri kalam se By storytimes About :-7 months ago
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देश के चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्मश्री विजेता ट्रांसजेंडर नर्तकी नटराज | Padmashree Winner Transgender Narthaki Nataraj In Hindi

नमस्कार दोस्तों देश ने अभी कुछ दिन पहले ही 70 वा गणतंत्र दिवस मनाया दोस्तों इस उत्सव को  मनाने से पहले देश में उन नामों का चयन किया जाता है जिन्हें देश के सबसे बड़े सम्मान पद्म श्री, पद्मभूषण और भारत रत्न से राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जाता है दोस्तों इन नामों के चयन के बाद एक ऐसा नाम सामने आया नर्तकी नटराज - Narthaki Natraj Padmashree दोस्तों ये एक ट्रांसजेंडर है और भरतनाट्यम नर्तकी है.

दोस्तों आपको इस जानकारी होनी चाहिए की देश में पहली बार ऐसा हुआ जब किसी ट्रांसजेंडर को देश का इतना बड़ा सम्मान गया है. दोस्तों नर्तकी नटराज का जीवन सफर काफी मुश्किलों के बीच बीता है जो सम्मान आज उन्हें मिला है वो उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है.

दोस्तों हमें ये बात अच्छी तरह पता है की ट्रांसजेंडर यानी किन्नरों का जीवन कितना मुश्किल भरा होता है। समाज में बने रहने के लिए उन्हें खुद अपनी लड़ाई लड़नी होती है क्योंकि दोस्तों आज भी हमारे समाज में इन्हें हेय दृष्टि से देखा जाता है.

Narthaki Nataraj In Hindi

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नर्तकी नटराज का जन्म तमिलनाडु के मदुराई जिले में हुआ था जन्म के कुछ सालो बाद इन्हें पता चला की वो एक ट्रांसजेंडर है। लेकिन उन्हें इस बुरे समय में साथ मिला शक्ति का जो एक ट्रांसजेंडर थी। दोनों एक दूसरे के साथ रहने लगे वो दौर था जब दोनों ने हर समय समाज के तिरस्कार का सामना किया.

इन सब से तंग आकर एक दिन नर्तकी नटराज अपना घर छोड़ कर चली गई घरवालों के रोज होने वाले तिरस्कार से हमेशा के लिए दूर हो गई. नटराज के सामने घर छोड़ने के बाद अपना गुजारा करने के पैसे नहीं थे लेकिन शक्ति और नटराज ने हार नहीं मानी और एक छोटी सी नौकरी करना शुरू कर दिया.

Narthaki Nataraj In HindiSource img-mm.manoramaonline.com

नौकरी के दौरान भी उन्हें लोग गलत नजरो से देखते थे और उन्हें वहां भी उस तरह का सम्मान नहीं मिल पाया उन्होंने वो नौकरी छोड़ दी और कुछ अलग करने की ठान ली  लेकिन नटराज के पास नृत्य करने के अलावा दूसरा और कोई हुनर नहीं था अपने बचपन के दिनों से उन्हें डांस से काफी लगाव था लेकिन उनकी कला को और विकसित करने के लिए उनका कोई साथ देने को तैयार नहीं था.

लेकिन जब किसी कार्य को आप मन से करने की कोशिश करते हो तो भगवान भी आपका साथ देता है ठीक वैसे ही नर्तकी नटराज के साथ हुआ और साल 1984 में उनकी मुलाकात तंजोर श्री केपी कटप्पा पिल्लई से हुई दोस्तों पिल्लई ने नर्तकी नटराज को नृत्य सिखाने का वादा तो किया ही साथ ही ये भी वादा की किया एक दिन तुम अपने डांस के गुण से दुनिया भर में अपना नाम रोशन करोगी इसी मकसद के साथ पिल्लई ने डांस की ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया उन्हें डांस में मुख्य तौर पर भरतनाट्यम की ट्रेनिंग दी गई.

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नर्तकी नटराज ने भी खूब मेहनत की और उनकी ये मेहनत रंग भी लायी नर्तकी नटराज ने अपनी कला से देश ही नहीं विदेश में भी नाम कमाया नटराज ने देश के साथ विदेशो में भी कहीं बड़े स्टेज शो किये देश और विदेशो में अपनी छवि कायम करने के बाद उनका हर क्षेत्र में स्वागत होने लगा और लोग उन्हें सम्मान देने लगे.

उनकी इस अपार सफलता को देखते हुए सरकार ने उनके जीवन से जुड़े संघर्ष को कक्षा 11 वी में हिंदी बुक में एक चेप्टर की शुरुआत की इस चेप्टर में नर्तकी नटराज के जीवन के बारे में बताया गया है की किस तरह अपने संघर्षशील  जीवन से ऊपर उठी है और आज पूरी दुनिया में उनके उनके नृत्य के लिए जाना जाता है. नर्तकी नटराज ने बच्चों को नृत्य सिखाने के लिए खास तौर पर एक विधालय खोला है जहां वो बच्चों को नृत्य की कलाओं के ज्ञान सिखाती है. दोस्तों खास बात तो इस विधालय में ट्रांसजेंडर को अलग से क्लास दी जाती है. आज नर्तकी नटराज ने देश का सबसे बड़ा सम्मान जीत कर अपने सम्माज और उन लोगों को चुप कर दिया जो उनका तिरस्कार करते थे.

Narthaki Nataraj In HindiSource www.indianspice.co.za

दोस्तों वैसे इस साल कई लोगों को ये सम्मान दिया गया और हर साल दिया जाता है लेकिन देश के लिए गर्व की बात है की देश में पहली बार किसी ट्रांसजेंडर को ये सम्मान मिला देश का एक ऐसा सामाजिक हिस्सा जिसे लोग ज्यादा महत्व नहीं देते लेकिन नर्तकी नटराज ने समाज को एक संदेश दिया है वो भी वो सब कर सकती है जो बाकि कर सकते है दोस्तों नर्तकी नटराज को मिले इस सम्मान के बाद हमें आशा है की लोग ट्रांसजेंडर का सम्मान करेंगे.

दोस्तों आज नर्तकी नटराज अपना डांस स्कूल चलाती है जहां हजारो की संख्या में बच्चें सीखने आते है नर्तकी नटराज ने बताया की " जीवन में ये जरुरी नहीं है की आप संसार में किस परिस्थिति में पैदा हुए हो जरुरी ये है की आप उस हालात में खुद को कैसे बदलते हो".