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रामायण से जुड़ी 10 अनसुनी बातें | Ramayan Most Things In Hindi

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Ramayan Most Things In Hindi
भगवान श्री राम जिनके धरती पर किये गए उद्धार व उनके जीवन चरित्र के बारे में अनेक भाषाओं में ग्रंथो की रचना की गई है। लेकिन सब में दो मुख्य ग्रंथ है महर्षि वाल्मीकि द्वारा लिखित “ रामायण ” व दुसरा गोस्वामी तुलसीदास द्वारा लिखा गया “ श्री रामचरित मानस ” । महर्षि वाल्मीकि लिखित “ रामायण ” में कुल 24 हजार श्लोक, 500 उपखंड व कुल 7 कांड है।
अब तक भगवान राम के जीवन पर प्रस्तुत हर माध्यम में इन दो ग्रंथो के माध्यम से ही उनके जीवन का चरित्र का बखान किया गया है। मर्यादा पुरुष भगवान राम के जीवन चरितार्थ को महर्षि वाल्मीकि की रचित रामायण को सही व सटीक माना जाता है। जो भगवान राम के जीवन की बातें रामायण में व अन्य किसी ग्रंथ में नही है। भगवान राम के जीवन का पूर्ण व सही वर्तात रामायण में ही मिलता है।
दोस्तो आज हम महर्षि वाल्मीकि द्वारा लिखित रामायण से जुड़ी 10 ऐसी बातों को जिक्र करने वाले है जिनका ज्ञान सभी को होना चाहिए।
ऋषि ऋष्यश्रृंग का जन्म
रामायण ग्रंथ के अनुसार भगवान श्री राम के पिता व अयोध्या के राजा दशरथ ने पुत्र प्राप्ति के लिए पुतेष्ठि नामक यक्ष करवाया था। यह यज्ञ ऋषि ऋष्यश्रृंग ने करवाया था। राजा दशरत के इस पुत्र प्राप्ति यज्ञ को करवाने वाले ऋषि ऋष्यश्रृंग के पिता का नाम महर्षि विभाण्डक था । रामायण के अनुसार जब उनके पिता एक नदी के किनारे स्नान कर रहे थें तब उनका विर्यपात हो गया। जो एक हिरण ने पी लिया। इसके चलते ऋषि ऋष्यश्रृंग का जन्म हुआ।
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अरण्यकांड में केवल 33 देवताओं का उल्लेख
हिन्दू धर्म 33 करोड़ देवी - देवताओं की पूजा व मान्यता है । लेकिन रामायण के अरण्यकांड के चौदहवे सर्ग में किये गए उल्लेख की बात करे तो इसके 14वें श्लोक में 33 देवताओं का ही जिक्र किया गया है। इस श्लोक के अनुसार बारह आदिन्य व आठ वसु व ग्यारह रुद्र, दो अश्विनी कुमार है। इन 33 देवताओं का इस श्लोक में उल्लेख किया गया है।
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