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रविन्द्र सिंह भाटी का जीवन परिचय | Ravindra Singh Bhati Biography in Hindi

By Tanishka / About :-2 years ago

कौन है रविन्द्र सिंह भाटी ? जिन्होंने 26 साल की उम्र में बागी से होकर रचा इतिहास - Ravindra Singh Bhati Biography in Hindi

युवा छात्रसंघ अध्यक्ष रविंद्र सिंह भाटी जो एक चर्चित चेहरे के रूप में उभर के सबके सामने आये है. इसका सबसे बड़ा कारण यह है की इन्होने एक एतिहासिक जीत विधानसभा चुनाव में हासिल की है. रविंद्र सिंह भाटी एक भारतीय राजनेता हैं जो वर्तमान समय में शिव विधानसभा क्षेत्र से राजस्थान विधान सभा के सदस्य के रूप में कार्यरत हैं। 2019-2022 तक एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर के छात्र संघ अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया। जी हां हम बात कर रहे है राजस्थान विधान सभा के जाने- माने विधायक रविंद्र सिंह भाटी के बारे में जिन्होंने कम आयु में कई एतिहासिक काम किये, कॉलेज में छात्रसंग चुनाव, विधान सभा या फिर वर्तमान में लोकसभा चुनाव हमेशा पार्टी से हटकर ही फैसला किया और विजयी का बिगुल बजाया।

रविन्द्र सिंह भाटी का जीवन परिचय:-

रविन्द्र सिंह भाटी का जन्म राजस्थान राज्य के बाड़मेर जिले में दुधोड़ा नामक गाँव में 03 दिसम्बर, 1990 को राजपूत समाज में हुआ. इनके पिताजी का नाम शैतान सिंह भाटी और माता जी का नाम अशोक कँवर है. इनकी धर्मपत्नी का नाम धनिष्ठा कँवर है जो एक गृहणी है. रविन्द्र सिंह भाटी ने मारवाड़ के मान-सम्मान को बढाया है. 

रविन्द्र सिंह भाटी की शिक्षा से जुडी बाते:- Ravindra Singh Bhati Biography in Hindi

रविन्द्र सिंह भाटी ने बाड़मेर जिले के आदर्श विद्या मंदिर हरसानी एवं मयूर नोबल्स एकेडमी में अपनी प्राथमिक शिक्षा को पूर्ण करके आगे की पढाई के लिये उन्होंने मोहन सुखारिया विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया और स्नातक की डिग्री को हासिल किया, LLB करने के लिये राजस्थान के प्रसिद विश्वविद्यालय जय नारायण व्यास (जोधपुर में) में प्रवेश लिया.

रविन्द्र सिंह भाटी का राजनीती जीवन:-

रविन्द्र सिंह भाटी के राजनीतीक जीवन की शुरुआत वर्ष 2019 में जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय में निर्दलीय रूप से छात्रसंग अध्यक्ष के चुनाव में एतिहासिक जीत हासिल करके की.

भाटी ने JNUV में छात्र राजनीति के माध्यम से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरूआत की, फिर ABVP के टिकट इनकार के बाद, उन्होंने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ा और जेएनवीयू के 57 साल के पहले स्वतंत्र छात्र संघ अध्यक्ष के रूप में जीत हासिल की। इनके द्वारा पहले भी छात्र-हितो को लेकर कई आवाजे उठाई गयी है.

इसके बाद, अपनी लोकप्रियता के लिए पहचाने जाने पर, वह भाजपा राजस्थान के शीर्ष नेतृत्व के तहत बीजेपी में शामिल हो गए। उन्हें शिव निर्वाचन के क्षेत्र में बीजेपी द्वारा टिकट नहीं दिया गया था, इन्होंने फिर से निर्दलीय चुनाव लड़ा और 1294 वोटो से जीत हासिल की. जो उनके निर्वाचन क्षेत्र के इतिहास में पहली जीत थी, राजनीती जीवन में प्रवेश करने के बाद उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि थी. रविन्द्र सिंह भाटी ने अंशुमान सिंह भाटी के साथ 2023 में सबसे कम उम्र के विधायक बनने का गौरव भी हासिल किया।

छात्र संग अध्यक्ष से MLA तक का सफ़र Ravindra singh

जैसे की हम सबको पता है रविन्द्र सिंह ने छात्र संग अध्यक्ष के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है उनके द्वारा कई बार धरने प्रदर्शन किये गये है जैसे छात्र- छात्राओ की पढाई के लिये कई बार आवाज उठाई, विश्वविद्यालय में जमीन के मुद्दे आदि कई तरह के काम किये. राजस्थान के हर collage में हो रहे कई प्रकार के भ्रष्टाचार, फीस राहत की मांग आदि को लेकर चर्चित है. इसी कारण रविन्द्र सिंह की छात्रों के मध्य पहचान बनी. 

भाजपा में शामिल हुए फिर हुई बगावत 

2023 में राजस्थान विधानसभा चुनाव में उन्होंने जीत हासिल की इसके पीछे भी उन्हें कई संघर्ष का सामना करना पड़ा, छात्रों और युवाओं तथा सोशल मीडिया पर बेहद चर्चित रविंद्र सिंह भाटी राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे। लेकिन बीजेपी ने बगावत की इसका कारण यह माना जा रहा है, की पर्चा भरने की आखिरी तारीख से 2 दिन पहले टिकट आरएसएस के बेहद ही करीबी और बाड़मेर बीजेपी के जिलाध्यक्ष स्वरूपसिंह खारा को मिल जाता है राजनीती में टिकट नही मिलने के कारण उन्होंने पार्टी छोड़ दी और और निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिये रणनीति बनाई |

आपको रविन्द्र सिंह भाटी के बारे में  हमारे इस आर्टिकल से सम्पूर्ण जानकारी मिली, उन्होंने किस तरह राजनीती में कदम रखा और कई बगावतो से जीत हासिल की और इतिहास रचा. | Ravindra Singh Bhati Biography in Hindi

रविन्द्र सिंह भाटी का जीवन परिचय | Ravindra Singh Bhati Biography in Hindi