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रेड बस की सफलता की पूरी कहानी | RedBus Success Story in Hindi

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तीन दोस्तों ने मिल किया ऐसा प्लान की आज सभी लोगो का सफ़र हो गया आसान | RedBus Co-Founder Phanindra Sama| RedBus Success Story in Hindi
दोस्तों इस पोस्ट में हम आपको ऐसे शख्स व कंपनी के बारे में बताने वाले है जिसने आपके सफर को काफी आसान कर दिया है। दोस्तों हम बात कर रहे है RedBus के बारे में जो आज आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो रहा है। दोस्तों RedBus एक ऑनलाइन बस की टिकट बुक करने की साइट है। आप को किसी भी बस के कार्यलय में लाइन लगाने की जरुरत नहीं है आप इस सुविधा के माध्यम से अपनी टिकट बुक कर सकते है। दोस्तों इस सुविधा की शुरुआत करने का क्रेडिट Phanindra Sama को जाता है। दोस्तों RedBus कंपनी का आज सालाना टर्नओवर 600 करोड़ के आस-पास है दोस्तों अब हम बताएंगे की इसकी शुरुआत कैसे हुई।
फणिंद्र समा ने कैसे हासिल किया इस मुकाम को | Phinindra Sama RedBus
दोस्तों इस व्यवस्था को अपने मुकाम तक पहुंचाने का श्रेय फणिंद्र समा को जाता है फणिंद्र समा का जन्म निजामाबाद, आंध्र प्रदेश में हुआ था। फणिंद्र समा RedBus के संस्थापक और CEO है। साल 2005 में इस कंपनी की शुरुआत हुई दोस्तों आज RedBus पुरे भारत में ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सबसे बड़ी कंपनी है। RedBus में ऑपरेटर का जाल काफी फैला हुआ है। रेडबस ने भारत में कुल 4500 से अधिक मार्गो पर टिकट बुकिंग दे रखी है। ग्राहक अपनी सुविधा के अनुसार टिकट बुक करा सकता है। RedBus की सर्विस इतनी फ़ास्ट है की आप अपने फोन से 2 मिनट में अपना टिकट बुक कर सकते है और आराम से सफर के लिए निकल सकते है। फणिंद्र समा ने अपनी शिक्षा भारतीय विज्ञान संस्थान से BITS पिलानी और स्नातकोत्तर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। फणिंद्र समा ने RedBus से पहले AST इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स में कार्य किया था।
फणिंद्र समा ने इस कंपनी को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य ये था की सभी लोगो को टिकट लेने में कोई दिक्कत ना हो और अपने फोन से ही अपनी टिकट बुक कर ले।
RedBus से की ऑनलाइन टिकट बुकिंग की शुरुआत | RedBus Book Ticket Online
RedBus के CEO फणिंद्र समा के दोस्त फन्द्र ,सुधाकर उस समय बंगलौर में काम कर रहे थे। ये तीनो साल 2005 BITS पिलानी कॉलेज से काफी गहरे दोस्त थे। ये तीनो दोस्त उस समय दीपावली अपने घर पर मानाने की सोच रहे थे तब उस समय फणिंद्र समा और उनके दोस्तों को टिकट के लिए काफी दिक्क्तों को सामना करना पड़ा और 10 लोगो से पूछने के बाद और ज्यादा पैसे दे कर टिकट लेना पड़ा फिर तीनो दोस्तों ने इस कंपनी की शुरुआत करने का प्लान बनाया दोस्तों 9 महीने के अंदर इन्होंने 50 लोगो की टीम बना ली और धीरे-धीरे ये बिजनेस नई ऊंचाइयों को छूने लगा और दोस्तों RedBus का नेटवर्क पुरे भारत में फेल गया है अहमदाबाद, कोयंबटूर ,बैंगलोर, चेन्नई, , दिल्ली, पुणे ,हैदराबाद, मुंबई, , विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम में कार्यालय हैं।
दोस्तों मुझे उम्मीद है की मेरे द्वारा RedBus की सक्सेस स्टोरी आपको अच्छी लगी होगी। दोस्तों आपको ऐसा महसूस हुआ की इस पोस्ट ने आपकी जानकारी को और मजबूत किया है तो इस पोस्ट को अपने फ्रेंड्स के साथ जरूर शेयर करे। धन्यवाद
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