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क्या है नमस्कार छुपा है इसके पीछे वैज्ञानिक रहस्य | Scientific Secret Behind Namaskar In Hindi

क्या है नमस्कार छुपा है इसके पीछे वैज्ञानिक रहस्य | Scientific Secret Behind Namaskar In Hindi

In : Meri kalam se By storytimes About :-2 months ago
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नमस्कार शब्द हम बचपन से सीखते आये और हमारे परिवार के बड़े लोग भी हमें यह सिखाते आये की बेटा जब भी कोई बड़ा दिखे तब उनका नमस्कार से अभिवादन करना चाहिए ये हमारी सस्कृति के विचारो को प्रदर्शित करता है लेकिन आज हम इस शब्द से काफी दूर होते जा रहे है आज हम इस सस्कृति को भूलते हुए जीवन में पश्चिमी देशो की सस्कृति को जीवन में उतार रहे है जो हमारी सस्कृति का मूल पहलु था उसे खोते जा रहे है हम नमस्कार की की जगह Hello Hi की दुनिया में चले गए है और उसमे ही अपना सम्मान समझते है लेकिन दोस्तों नमस्कार के पीछे कोई रूढ़िवादी सोच नहीं है बल्कि इसके पीछे वैज्ञानिक दृष्टि है जिसे ध्यान में रखते हुए हमें जीवन नमस्कार को नहीं भूलना चाहिए.

नमस्कार करने का तरीका - How to Greet In Hindi

Scientific Secret Behind Namaskar In Hindi

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नमस्कार करने की स्थिति कम लोगो को ही ज्ञात है नमस्कार करते समय आराम से सीधे खड़े हो और अपने दोनों हाथो को अपने चेस्ट के सामने दोनों हथेलियों को मिला लेवें दोनों हथेलिया थोड़ी टेढ़ी रखे और दोनों हाथो की अंगुलिया मिली हुई होनी चाहिए जब भी किसी बड़े से नमस्कार कर रहे है तो चेहरे पर हल्की मुस्कान रखे और सर हल्का सा आगे की और झुकाये फिर नमस्कार करे.

जब आप मंदिर में भगवान के सामने खड़े है तो उन्हें नमस्कार करते समय अपने सिर को हल्का झुकाते हुए अपनी आखों को बंद कर ले फिर दोनों हथेलियों को मिला ले और दोनों अंगूठे अपने सिर पर लगा ले ऐसा करने से भगवान के द्वारा दिया गया आशीर्वाद सीधा आपके मस्तिष्क में प्रवेश कर जाता है

यदि आप अपने किसी परिचित से मिल रहे है तब उन्हें नमस्कार करते समय आपकी आखों में नम्र भाव हो और हल्का सा सिर झुका हुआ हो इससे आपमें शक्ति का संचारण होता है

नमस्कार करते समय इन चीजों का रखे ध्यान - Keeping these Things in Mind while Meditating

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नमस्कार करना हमारी सालो से रीती और सस्कृति का एक हिस्सा है की जब भी नमस्कार करे तब पैर में चप्पल या जूते नहीं पहने होने चाहिए फिर वो नमस्कार आप अपने से बड़ो के सामने कर रहे या फिर भगवान के मंदिर में लेकिन आज समय बदल गया और हम बार बार जूते उतरना पसंद नहीं करते और इन्हें उतारने और पहनने में काफी समय जाया हो जाता है और इसी कारण आज हम भूल जाते है की नमस्कार करते समय हमने जूते उतारे या नहीं

लेकिन दोस्तों जब आप भगवान के मंदिर में जाएं तब जरूर अपने जूते बाहर ही उतारे यदि आपने नमस्कार या प्राथना करते समय जूते नहीं उतारे है तो आपमें चेतना और शक्ति का संचार सही से नहीं हो पाता है

हिन्दू परम्पराओं में नमस्कार शब्द के पीछे विज्ञानं का राज छुपा हुआ है नमस्कार शब्द का निर्माण नमस शब्द से हुआ है जिसका मतलब एक आत्मा का दूसरी आत्मा को अंतर भावना से सादर प्रणाम करना आज भले ही नमस्कार करने का तरीका बदला गया लेकिन सही तरीके से नमस्कार का भाव आज शायद ही कोई व्यक्ति जीवन में करता है

Scientific Secret Behind Namaskar In Hindi

Source i10.dainikbhaskar.com

भारत ही नहीं विदेशो में नमस्कार की स्थिति को काफी महत्व दिया दिया गया जापान में खास तौर पर नमस्कार को काफी महत्व दिया गया जापान में किसी भी सम्मान में पहले उसे नमस्कार के साथ के उसका स्वागत किया जाता है जो उनकी सस्कृति की एक अलग ही झलक दिखलाता है

दोस्तों आप भी अपने नियमित जीवन में नमस्कार की सस्कृति को जीवन में उतारे इससे आपके जीवन में एक सकरात्मक ऊर्जा का संचार होता है

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