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ये है वो आई पी एस अफसर जिससे डरता था वीरप्पन डाकू

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ये है वो आई पी एस अफसर जिससे डरता था वीरप्पन डाकू
1 समय था जब खतरनाक चंदन तस्कर वीरप्पन डाकू का साउथ इंडिया के घने जंगलों में उसका राज चलता था . मूल रूप से उसका असली नाम कूज मुनिस्वामी वीरप्पन बताया गया है , जो साउथ के घने जंगलो में चन्दन की तस्करी के साथ हाथी दांत की तस्करी भी किया करता था और कई अफसरों की मौत का कसूरवार भी उसे ही ठहराया गया है डाकू वीरप्पन को पकड़ने के लिए कई प्रयास किये लेकिन वो फिर भी पकड़ में नहीं आया भारत सरकार ने तक़रीबन बीस करोड़ रुपये उसे पकड़ने में खर्च कर दिए

कहा गया है की वीरप्पन डाकू बहुत चालाक व चतुर था वह पुलिस को चकमा देकर साउथ के जंगलो में भाग जाता था तथा उसको पकड़ने के लिए पुलिस को बहुत लम्बा सफर तय करने को मिला लेकिन उन्ही में से एक जाबाज ऑफिसर थे वो है आई पी एस ऑफिसर विजय कुमार उन्ही के कड़े नियमो एवं योजनाओ के प्रयास से एक कोकून ऑपरेशन चलाया गया आई पी एस अफसर विजय कुमार ने आज ही के दिन 18 अक्टूबर को 2004 को डाकू वीरप्पन को एन्काउंटर कर दिया गया आई पी एस विजय कुमार ने बाद में वीरप्पन पर 1 किताब भी लिखी गयी थी
- जानिए वीरप्पन की कहानी विजय की जुबानी
खतरनाक डाकू जो चन्दन की तस्करी करता था आखिरकार वीरप्पन का एन्काऊंटर आई पी एस ऑफिसर विजय कुमार ने कर ही दिया उनका जन्म 15 सितम्बर 1950 को हुआ
1 उनके पिता जी कृष्णन नायर रिटायर्ड पुलिस अफसर है . विजय कुमार की माता श्री कौशल्या एक हाउस वाइफ है
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2 आई पी एस विजय कुमार ने सेंट जोसेफ कॉलेज, तिरुचिरापल्ली से स्नातक की और मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज से पोस्ट स्नातक की
पढ़ाई पूरी की
3 वे बचपन से ही अपने पिताजी से प्रेरणा लेकर ही बड़े हुए है अपने पिताजी की वजह से ही आईपीएस बने है और उनका यह सपना पूरा हुआ
4 वर्ष 1975 में तमिलनाडु कैडर में आईपीएस ऑफिसर बन जाने के बाद स्पेशल सिक्युरिटी ग्रुप में विजय कुमार सर्विस किया करते थे .
5 स्पेशल टास्क फोर्स में आने के बाद विजय कुमार को वीरप्पन डाकू को मारने का आदेश दिया गया और उन्होंने इस मिशन को बखूबी अंजाम दिया
ये है वो आई पी एस अफसर जिससे डरता था वीरप्पन डाकू




