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13साल की उम्र में एक सफल स्टार्टअप की शुरुआत करने वाले तिलक मेहता Tilak Mehta Success Story In Hindi

By N.j / About :-2 years ago

“हम वो सब कर सकते है जो हम सोच सकते है और हम वो सब सोच सकते है जो आज तक हमने नहीं सोचा”

नमस्कार दोस्तों आज इंसान अपने करियर को सही ढंग से सेट करने के लिए पहले अपनी शिक्षा पूर्ण करता है और फिर किसी बिजनेस के बारे में विचार करता है और लगभग आज सभी युवा की यही सोच होती है लेकिन दोस्तों आज हम एक ऐसे शख्स की बात करने वाले है जिसने महज 13 साल की उम्र में वो कर दिखाया जिसे करने में बड़े बड़े बिजनेसमैन को सालो लग जाते है इस छोटी सी उम्र में अपनी सोच से वो कई लोगो के लिए प्रेरणा बन गए साथ ही वो उन बच्चो के लिए भी प्रेरणा बने है जो जीवन में कुछ बड़ा करने का सपना देखते है दोस्तों हम बात कर रहे महज 13 साल की छोटी उम्र में खुद का स्टार्टअप शुरू करने वाले तिलक मेहता की जिन्होंने इस बात को सच साबित कर दिया की आपको आपके विचार कभी भी एक सफल इंसान बना सकते है.

दोस्तों आज जहां हम तिलक मेहता की सक्सेस और विचारो की बात कर रहे है इस उम्र में बच्चे घर में वीडियो गेम अन्य खेलों के साथ अपना बचपन जीते है दोस्तों तिलक मेहता की इस कहानी की शुरुआत होती है साल 2017 में जब एक आम बच्चे की तरह वो मुंबई की गरोडिया इंटरनेशनल स्कूल में 8 क्लास में पढ़ाई कर रहे थे एक दिन उन्हें अपनी किताब की जरूरत पड़ गई जो उनके अंकल के घर पर पड़ी थी और वो मुंबई के ही दूसरे छोर पर रहते थे घर से काफी दुरी होने की वजह से उन्होंने अपनी किताब को लाने के लिए अपने पिता को कहा लेकिन उनके पिता ऑफिस के कार्य में व्यस्त होने की वजह से उन्होंने इस बात को टाल दिया तब तिलक के सामने अपनी किताब को लाने के लिए आगे और कोई रास्ता नहीं दिखाई दे रहा था तब उन्होंने मार्केट चल रही कुरियर कंपनी की सहायता लेने की सोची लेकिन सभी कंपनिया उसी दिन डिलीवरी देने पर करीब 300 रूपये चार्ज ले रही थी दोस्तों किसी ने सच ही कहा है की आपकी सफलता के पीछे कोई ना कोई प्रॉब्लम छुपी होती है और जब तिलक के सामने ऐसी समस्या उत्पन हुई तब उन्होंने सोचा मुंबई में ऐसे कई लोग होंगे जो इस समस्या से हर रोज परेशान होते होंगे

और जब अपने इस कार्य को करने के लिए कुरियर कंपनी की सहायता ली जाएं तो वो इसमें काफी समय लेती है और साथ में उसी दिन डिलीवरी करने के लिए काफी चार्ज वसूलती है इस सोच के साथ तिलक के मन में विचार आया की लोगो को कम से कम समय और कम खर्च में डिलवरी की सेवा उपलब्ध करवाई जाएं और तब उन्होंने अपने इसी विचार के साथ खुद का एक स्टार्टअप शुरू करने की सोची

एक छोटी सी उम्र में स्टार्टअप खड़ा करना तिलक मेहता के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी की इस स्टार्टअप को शुरू कहा से किया जाएं और वो कैसे लोगो तक अपने इस बिजनेस को पंहुचा पाएंगे तब उन्हें मुंबई में काम करने वाले डिब्बों वालो के बारे में ख्याल आया जिन्हें मुंबई शहर की लाइफ लाइन भी कहा जाता है ऐसा इसलिए की दोस्तों मुंबई में सब कुछ लेट हो सकता है लेकिन मुबंई के डिब्बे वाले अपने टाइम के काफी पक्के होते है और इन डब्बो वालो का नेटवर्क पुरे मुंबई शहर में फैला हुआ है तब तिलक मेहता के दिमाग में आईडिया आया की इन लोगो को साथ में जोड़ कर खाना डिलीवरी करने के साथ अन्य चीजों को डिलीवरी करने के लिए भी कर सकते है तब तिलक ने अपने इस बिजनेस की शुरुआत करने से पहले इन डब्बों वालो के नेटवर्क को बेहतर ढंग से समझने के लिए उनके साथ समय बिताया और इसे अच्छे से समझा

जब तिलक अपने स्टार्टअप के बारे में अपना दिमाग दौड़ा रहे थे तब अपने बेटे की लगन देख कर उनके पिता विशाल ने भी उनका इस स्टार्टअप में साथ दिया जब तिलक ने मार्केट की पूरी तरह जानकारी ले ली तब उन्होंने Papers N Parcels नाम की ऍप्लिकेशन का निर्माण करवाया और अपने स्टार्टअप की शुरुआत की तिलक मेहता को अपनी इस एप्लिकेशन को तैयार करने में करीब 8 माह का समय लगा और जब मार्केट में इस एप्प को लॉच किया गया तब लोगो ने इसे काफी पसंद किया क्योकि जिस पार्सल के लिए लोगो को 200 से 300 रूपये खर्च करने पड़ते थे वहीं  Papers N Parcels की साहयता से 30 से 40 रूपये में आसानी से डिलीवरी हो जाता था

तिलक द्वारा इस एप्लिकेशन की खास बात है की आप इसकी सहायता से मुंबई शहर में 3 किलो वजनी चीज उसी दिन आसानी से भेज सकते है तिलक के द्वारा जुलाई 2018 से शुरू किये इस स्टार्टअप ने मुंबई में काफी सफलता हासिल की और हर रोज हजारो की संख्या में इस एप्लिकेशन के माध्यम से वस्तुएं भेजी जाती है साथ ही अपने इस स्टार्टअप से तिलक मेहता ने मुंबई के सेकड़ो लोगो को रोजगार दिया महज 13 साल की उम्र में अपने विचारो को मंजिल देने वाले तिलक मेहता का मानना है की वो जल्द ही अपनी इस कंपनी की शुरुआत पुरे भारत में करने वाले है.

13साल की उम्र में एक सफल स्टार्टअप की शुरुआत करने वाले तिलक मेहता Tilak Mehta Success Story In Hindi