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देश की पहली महिला ट्रांसजेंडर सब इंस्पेक्टर - पृथिका यशिनी | First Transgender IPS Story In Hindi

By N.j / About :-2 years ago

देश की पहली ट्रांसजेंडर महिला पृथिका यशिनी का नाम इतिहास में दर्ज हो चुका है। पृथिका यशिनी वो पहली महिला है जिन्होंने अपने सपनों को हासिल करने के लिए समाज की रूढ़िवादी सोच के आगे हार नहीं मानी और परिस्थितियों से लड़ते हुए अपनी मंजिल हासिल की।

कौन हैं पृथिका?

पृथिका यशिनी देश की पहली ट्रांसजेंडर महिला है, जो तमिलनाडु के धरमपुरी जिले में उप-निरीक्षक के रूप में कार्यरीत है। पृथिका का जन्म एक लड़के के रूप में हुआ था, तो उनका नाम प्रदीप कुमार रखा गया। पृथिका को स्कूली दिनों में इस बदलाव के बारे में पता चला। लेकिन लिंग परिवर्तन के बाद उन्होंने अपना नाम प्रदीप कुमार से पृथिका यशिनी रख लिया था।

माता-पिता की इज्जत के लिए हुई घर से दूर 

जब उनके घर वालो को यह पता चला कि वो लड़का नहीं है, तो घर वालो ने डॉक्टरों से लेकर कई बाबाओं के पास लेकर गए। लेकिन अंत में घर वालो को हार मानकर लिंग परिवर्तन करवाना पड़ा। जब यह पता चला कि वो ट्रांसजेंडर है। तब पृथिका ने सोचा की समाज में माता - पिता को शर्मिंदा ना होना पड़े इसलिए पृथिका घर छोड़कर चली गई।

हो गया था पहला ऐप्लिकेशन खारिज 

जब पृथिका पुलिस अफसर बनने के लिए आवेदन किया तो उनके आवेदन को रिजेक्ट कर दिया गया। क्योंकि फार्म में दो ऑपशन थे। पृथिका ने जब महिला का ऑपशन चुना, तो पृथिका के आवेदन को रिजेक्ट कर दिया गया। इसके अलावा ट्रांसजेंडर के लिए परीक्षा या इंटरव्यू में कोई कट-ऑफ़ भी नहीं था।

लेकिन पृथिका ने इस मुश्किल सफर में हार नहीं मानी और अपने हक के लिए कोर्ट में कई बार दरवाजा खटखटाया। कोर्ट में फैसला पृथिका के पक्ष में सुनाया गया। कोर्ट ने ट्रांसजेंडर्स को तीसरे कैटेगरी में रखने का फैसला सुनाया और पृथिका के केस में ट्रांसजेंडर के लिए कट-ऑफ़ को 28.5 से 25 कर दिया गया। पृथिका यह लड़ाई लड़ अपनी जैसी कई ट्रांसजेंडर को उनका हक दिलवाया है।

मद्रास उच्च न्यायालय ने साल 2015 में तमिलनाडु यूनिफ़ॉर्म्ड सेवा भर्ती बोर्ड को निर्देश दिया कि वह ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों को परीक्षा देने का मौका दे। इस निर्णय के बाद, प्रवेश पत्र में जेंडर में तीन विकल्प जोड़े गए।

पृथिका ने पूरी लड़ाई लड़ अपने संघर्षों से कई ट्रांसजेंडर को उनका हक दिलवाया।

देश की पहली महिला ट्रांसजेंडर सब इंस्पेक्टर - पृथिका यशिनी | First Transgender IPS Story In Hindi