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इन खूबियों की वजह से भारत कहलाया सोने की चिड़िया - Gold Bird india History In Hindi

By N.j / About :-7 years ago

दोस्तों एक समय था जब भारत सोने की चिड़िया के नाम से दुनिया भर में मशहूर था और भारत की इसी खूबी की वजह से यहां पर कई देश राज करने के बारे में सोचते थे देश में अपार धन होने के कारण कई बार विदेशी ताकतों ने भारत पर हमले किये और भारत में कई राजा हुए जिन्होंने यहां अपना राज चलाया

भारतीय राजाओ के साथ भारत में अंग्रेजो ने भी एक लंबे समय तक देश पर राज किया अंग्रेजो ने अपने शासन के दौरान भारत को खूब लुटा उस दौर में जब भारत देश को सोने की चिड़िया का नाम मिला हुआ था अब वो बिलकुल खत्म हो चूका है दोस्तों आज हम जानेंगे की भारत देश को आखिर किस वजह से दुनिया सोने की चिड़िया के नाम से बुलाती थी और ये उपाधि क्यों दी गई थी तो चलिए दोस्तों जानते है इस और अधिक जानते है

दोस्तों भारत को सोने की चिड़िया कहने के कई कारण हुए यहां जब राजा महाराजाओं का शासन काल था तब इनके पास धन के भंडार थे इन भंडारों में कभी धन की कमी नहीं होती थी साथ ही भारत में हमेशा मसालों कपास,लोहे अधिक मात्रा में पैदा होते थे भारत में पैदावार चीजों को विदेशो में ख़रीदा जाता था इस वजह से उस समय भारत की अर्थव्यवस्था काफी अच्छी थी भारत सोने की चिड़िया कहलाने के पीछे निम्न कारण भी थे

मोर सिंहासन की भव्यता - Peacock Throne India

अब भारत सोने की चिड़िया था तो किस वजह से था ये सभी के मन में सवाल रहता है तो उनमे एक वजह मोर सिंहासन है दोस्तों इस सिंहासन का अपना एक अलग ही इतिहास था इतिहास में ऐसा कहा जाता है की इस सिंहासन की बनावट में जितना खर्च आया था उससे करीब आगरा के 2 तजमहलो का निर्माण करवाया जा सकता था इस सिंहासन को पाने के लिए साल 1739 में फ़ारसी शासक नादिर शाह ने हमला कर इस सिंहासन को अपने कब्जे में कर लिया था दोस्तों इस सिंहासन में ऐसा क्या था जो सभी इसे हासिल करने के लिए भारत पर आक्रमण कर देते थे तो चलिए इस बारे में जानते है

शाहजहाँ ने मोर सिंहासन के निर्माण 17 वीं शताब्दी शुरू की थी मोर सिंहासन के निर्माण के लिए बहुतायत मात्रा में धन खर्च हुआ दोस्तों आपको इस बात को जानकर हैरानी होगी की इस सिंहासन को बनाने में करीब एक हजार किलो सोना लगा था साथ ही इस सिंहासन के निर्माण में कई कीमती पत्थर लगाए गए और इस सिंहासन की सुंदरता को और अधिक दिखलाती है इस पर कोहिनूर के जड़े हुए हीरो ने इस सिंहासन की कीमत के बारे में बताये तो ये करीब 4.5 अरब रूपये  है 

कोहिनूर का हीरा - Kohinoor Diamond History India

दोस्तों कोहिनूर के हिरे में बारे में हम कई बार सुन और पढ़ चुके है दोस्तों आपको इस बात की जानकारी होगी की कोहिनूर का हिरा कोई समय भारत के खजाने का हिस्सा था लेकिन समय के साथ यह कई देशो के हाथो में गया वर्तमान समय में इंग्लैंड की महारानी के ताज की शोभा बढ़ा रहा है इस हिरे को 5000 साल से भी अधिक पुराना बताया जाता है

उस्मान अली खान जो थे दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति - Mir Osman Ali Khan

दोस्तों उस्मान अली खान वो शख्सियतथे जिन्हें साल 1937 में टाइम्स मैगजीन ने दुनिया के सबसे धनी व्यक्ति घोषित किया था उस्मान अली खान हैदराबाद के शासक थे दोस्तों अमीर व्यक्ति घोषित करने के साथ टाइम्स मैगजीन ने उस्मान अली खान की फोटो अपने कवर पेच पर भी छापी थी टाइम्स मैगजीन के अनुसार अली खान उस समय दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति थे और उनके पास कई अधिक मात्रा में धन के भंडार थे उनके उस धन की कुल मात्रा अमेरिका की अर्थव्यवस्था के 2 प्रतिशत थी

उस्मान अली खान का शासनकाल - Wealth Indian King Mir Osman Ali Khan

उस्मान अली खान को साल 1911 में हैदराबाद की शासक की गद्दी पर बैठाया गया था अली जब हैदराबाद की गद्दी पर बैठे थे उस समय आंध्र प्रदेश , कर्णाटक , और महाराष्ट्र , ये सभी राज्य हैदराबाद का ही हिस्सा थे उस्मान अली की सस्कृति की भव्यता और शान शौकत को देख कर उस दौर में भारत में राज करने वाली ब्रिटिश इंडिया भी चौंक गई थी उस समय उनके खजाने में कई प्रकार के बेसकीमती हिरे थे उनके अमीर होने का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है की उनके पास गोल्फ की जो बोल थी वो भी हिरे से निर्मित थी और उसकी कीमत थी 10 करोड़ रूपये थी उस हिरे को उस समय दुनिया का पांचवा सबसे बडा और कीमती हिरा घोषित किया गया था इस हिरे को साल 1947 में निजाम ने ब्रिटेश की रानी को उनकी शादी में तोहफ़े के रूप में दिया था जिसे आज भी निजाम ऑफ़ हैदराबाद के नाम से दुनिया में जाना जाता है 

उस्मान अली खान की खुद की मुद्रा - Usman Ali Khan own Currency India

उस्मान अली खान जिस समय हैदराबाद की गद्दी पर साशन कर रहे थे उस समय अपने राज्य में उनकी खुद की मुद्रा का प्रचलन था जो पुरे हैदराबाद में चलती थी इस मुद्रा को उस्मानिया सिक्का के नाम से जाना जाता था साथ ही स्टेट बैंक ऑफ़ हैदराबाद निजाम के साशन काल के दौरान ही खोला गया था

इटली से 50 रोल्स रॉयल्स कार खरीदना - Rolls royals Car Usman Ali Khan

एक बार उस्मान अली खान इटली के दौरे पर गए तब वो घूमते -घूमते इटली के एक रोल्स रॉयल्स कार के शोरूम में पहुंच गए जब वो शोरूम में गए तब वे बिलकुल सादा कपड़ो में गए थे इस वजह से वो बिलकुल एक आम इंसान की तरह नजर आ रहे थे जब वो अंदर गए तब एक अधिकारी ने उनका मजाक उड़ाते हुए कहा हेलो इंडियन ये कार खरीदना तुम्हारी ओकात के बाहर है बस निजाम को उसी समय इस बात पर गुस्सा आ गया और उसी समय उसी शोरूम से 50 रोल्स रॉयल्स कार खरीद ली और भारत ला कर उन्हें कचरा उठाने में लगा दिया दोस्तों आप इस बात से अंदाजा लगा सकते की उस्मान अली खान के पास कितना धन था और यह  भारत देश को सोने की चिड़िया कहलाने की प्रमुख वजह भी रही

भारत की उत्पदता में अधिकता - Gold bird india History

दोस्तों भले ही समय के साथ भारत की उत्पाद सीमा कमजोर हो गई है लेकिन ऐसा माना जाता है की 1  ईसा और करीब 1000 ईसा के दौरान भारत की JDP दुनिया में सबसे ऊपर थी साथ भारत में कई तरह  के बेशकीमती पत्थरो की सम्यत्ता थी साथ ही भारत में सोना भी भारी मात्रा में मौजूद था लेकिन समय के साथ देश इन सभी चीजों को खोता गया

भारत के शासकों हर क्षेत्र में मेहनत

भारत में जितने भी शासक हुए सब ने अपने शासनकाल के दौरान अपने राज्यों को विकसित किया और कई बड़े कार्य किये उनके इन कार्यो से राज्यों में कभी धन संबधी विकटता नहीं आती थी ऐसा कहा जाता है की मुग़ल शासन के दौरान हमारे देश की आय ब्रिटेन की JDP से कई गुना अधिक थी और वो भारत देश है जिसने सबसे पहले वस्तुओं के विनमय की शुरुआत की थी भारत कई चीजें आयत और निर्यात करता था

इन खूबियों की वजह से भारत कहलाया सोने की चिड़िया - Gold Bird india History In Hindi