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सरकारी नौकरी छोड़ किया ये काम आज है करोड़ों के मालिक | Harish Dhandev Success Story In Hindi

By N.j / About :-8 years ago

इस काम की शुरुआत में नही चल पा रहा था हरीश का घर खर्च नही मानी हार आज कंपनी कर रही है साल का करोड़ो का टर्नओवर | Harish Dhandev, Harish Dhandev Biography In Hindi

दोस्तों आज देश में इतनी बेरोजगारी है की हर इंसान नौकरी पाने के लिए भटक रहा है। आज हर युवा चाहता है की मै सरकारी नौकरी लग जाऊ तो मेरी लाइफ सेट हो जाएगी लेकिन देश में ऐसे भी लोग है जो सरकारी नौकरी को लात मार कर आज खुद का बिजनेस कर रहे है और आज उनका साल का करोड़ों रुपयों का टर्नओवर है. आज हम ऐसे ही एक सख्श की बात कर रहे है जिसने अपनी सरकारी नौकरी छोड़ कर अपना खुद का बिजनेस शुरू किया और अपने इस चेलेंज को पूरा भी किया।

नौकरी छोड़ इस काम में लगाया दिमाग | Harish Dhandev Jaisalmer

दोस्तों हम बात कर रहे राजस्थान के जैसलमेर जिले में रहने वाले हरीश धनदेव( Harish Dhandev) की साल 2012 में हरीश ने जयपुर शहर में एक कॉलेज से B.Tech की डिग्री ली और फिर आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली चले गये और वहां से हरीश MBA की पढ़ाई कर रहे थे की उन्हें अचानक जैसलमेर में नगरपालिका में जूनियर इंजिनियर की पोस्ट मिल गई हरीश अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ कर नगरपालिका में नौकरी करने लगे।

हरीश ने नगरपालिका में 3-4 महीने तक काम किया और वो इस काम से ऊब गये और कुछ अलग करने के बारे में सोचने लगे लेकिन उस समय उनके दिमाग में कोई आईडिया नहीं आ रहा था

शुरु की एलोवेरा की खेती | Harish Dhandev Aloe vera

एक दिन हरीश एक एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में गये और वहां हरीश ने एलोवेरा की खेती करने के बारे में विचार किया और वो अब हर समय इस के बारे में सोचने लगे. एक दिन हरीश को लगा की ज्यादा समय ख़राब न करते हुए इस कार्य को कर ही लेना चाहिए

हरीश ने विचार करने के बाद बीकानेर गये और वहां से एलोवेरा के 25 हजार प्लांट ले कर आये और हरीश ने जैसलमेर से 45 किलोमीटर दुरी पर बसे धाइसर गांव में एलोवेरा का प्लांट लगाया और अपनी कंपनी को एक नाम दे दिया “नेचुरेलो एग्रो”।

शुरुआत में नहीं निकल पाया घर खर्च | Harish Dhandev Aloe vera Farmer

हरीश के इस कार्य को करते देख गांव के कई लोगो ने हरीश को ये कार्य ना करने की सलाह दी और कहा की इस कार्य में कोई कमाई नहीं है और आज तक अपने क्षेत्र में एलोवेरा की खेती सफल नहीं हो पाई है लेकिन दोस्तों हरीश ने किसी की बात नहीं मानी शायद हरीश की किस्मत उन्हें कुछ और मुकाम पर पहुंचना चाहती थी। हरीश ने खेती कर ली थोड़े दिन में ही हरीश के सामने काफी परेशानियां खड़ी हो गई ना कोई अच्छा ख़रीददार मिल रहा था, और खेती से हरीश का घर का खर्चा भी नहीं चल पा रहा था. लेकिन दोस्तों इस मुश्किल समय में हरीश ने हार नहीं मानी  और काम करते रहे।

अपनी खेती की मार्केटिंग | Elovera Marketing Harish In Hindi

हरीश ने अपनी खेती की मार्केटिंग करने के बारे में सोचा और इस कार्य से जुड़े सभी लोगो से संपर्क किया । धीरे-धीरे हरीश की ये मेहनत रंग लाई और अब हरीश एलोवेरा को मार्केट में जा कर अलग-अलग दाम पर बेचने लगे लेकिन हरीश अपने काम को और बड़ा करना चाहते थे एक दिन हरीश सोच रहे थे की अपने क्षेत्र में कौन-कौन  से फर्म है जिसको सबसे ज्यादा एलोवेरा पल्प की रिक्वायरमेंट है। और उन्होंने नेट पर सर्च किया और पतंजलि के बारे में पढ़ा 

बन गये पतंजलि को सबसे ज्यादा एलोवेरा बेचने वाले पहले व्यक्ति | Patanjali & Harish Contact

और तुरंत पतंजलि को मेल भेज दिया और कुछ समय के बाद ही हरीश के पास मेल आया और पंतजलि के अधिकारी हरीश से मिलने आये अब हरीश  पतंजलि के अंडर में काम करने वाले थे  जो भारत में सबसे ज्यादा एलोविरा खरीद करती है। दोस्तों आज राजस्थान के लिए गर्व की बात ये है की पतंजलि को सबसे ज्यादा एलोवेरा बेचने वाले हरीश ही है। अब हरीश ने इस काम के लिए अपना स्टाफ बढ़ाया और इस काम को और आगे ले गये। दोस्तों आज हरीश की कंपनी का सालाना टर्नओवर लगभग 2 करोड़ रूपये है अब हरीश का काम देश- ही नहीं विदेश में भी फैल गया है| हरीश ने जब इस काम की शुरुआत की थी तब केवल 10 बीघा में खेती थी और आज हरीश 120 एकड़ यानि कुल 300 बीघा में अभी खेती कर रहे है।

दोस्तों स्टोरीटाइम्स के द्वारा हरीश के बारे में दी गई जानकारी केसी लगी अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दे और इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे। || धन्यवाद ||

सरकारी नौकरी छोड़ किया ये काम आज है करोड़ों के मालिक | Harish Dhandev Success Story In Hindi