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हरिवंश राय बच्चन की सबसे लोकप्रिय कविताएँ | Harivansh Rai Bachchan Poems In Hindi

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हरिवंश राय बच्चन की लोकप्रिय कविताएँ | Harivansh Rai Bachchan Poems In Hindi
हरिवंश राय बच्चन को कोई परिचय की जरूरत नहीं है; उनके लेखन को हिंदी साहित्य में एक ऐतिहासिक माना जाता है। एक विद्रोही कवि जिन्होंने जीवन को रोमांटिक बनाया, उन्होंने कुछ महान कविताओं को लिखा जो पाठक के दिल में हमेशा के लिए तैयार रहते हैं। मधुशाला अपने क्लासिक्स में से एक है जो एक तरह का जादूगर उत्पन्न करती है जो महसूस करना दुर्लभ है। हालांकि उन्हें हिंदी भाषा को समृद्ध करने का श्रेय दिया जाता है
#1.
" लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। " - हरिवंशराय बच्चन
#2.
"नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है,
चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है। " - हरिवंशराय बच्चन
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#3.
" नभ के सीमाहीन पटल पर
एक चमकती रेखा चलकर
लुप्त शून्य में होती-बुझता एक निशा का दीप दुलारा!
देखो, टूट रहा है तारा! " - हरिवंशराय बच्चन
#4.
"हुआ न उडुगन में क्रंदन भी,
गिरे न आँसू के दो कण भी
किसके उर में आह उठेगी होगा जब लघु अंत हमारा!
देखो, टूट रहा है तारा! " - हरिवंशराय बच्चन
#5.
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" न्याय–न्यायधीश भू पर,
पास, पर, इनके न जाकर,
कौन तारों की सभा में दुःख अपना रो रहा है?
विश्व सारा सो रहा है! " - हरिवंशराय बच्चन
#6.
क्षण भर को क्यों प्यार किया था?
अर्द्ध रात्रि में सहसा उठकर,
पलक संपुटों में मदिरा भर
तुमने क्यों मेरे चरणों में अपना तन-मन वार दिया था ? - हरिवंशराय बच्चन
#7.
" नहीं खोजने जाता मरहम,
होकर अपने प्रति अति निर्मम,
उर के घावों को आँसू के खारे जल से नहलाता हूँ!
ऐसे मैं मन बहलाता हूँ! " - हरिवंशराय बच्चन
#8.
" मैं कल रात नहीं रोया था!
आँसू के दाने बरसाकर
किन आँखो ने तेरे उर पर
ऐसे सपनों के मधुवन का मधुमय बीज, बता, बोया था?
मैं कल रात नहीं रोया था " – हरिवंशराय बच्चन
#9.
" आह निकल मुख से जाती है,
मानव की ही तो छाती है,
लाज नहीं मुझको देवों में यदि मैं दुर्बल कहलाता हूँ!
ऐसे मैं मन बहलाता हूँ! " – हरिवंशराय बच्चन
#10.
" अश्रु श्वेत रक्त से,
लथपथ लथपथ लथपथ,
अग्निपथ अग्निपथ अग्निपथ। " – हरिवंशराय बच्चन
#11.
"चलो उसे सलाम आज सब करें,
चलो उसे प्रणाम आज सब करें,
अजर सदा इसे लिये हुये जियें,
अमर सदा इसे लिये हुये मरें,
अजय ध्वजा हरी, सफेद केसरी! " – हरिवंशराय बच्चन
#12
"वे मधु लूटा ही करते हैं
वह कच्चा पीने वाला है
जिसकी ममता घट प्यालों पर
जो सच्चे मधु से जला हुआ
कब रोता है चिल्लाता है
जो बीत गई सो बात गई "– हरिवंशराय बच्चन
हरिवंश राय बच्चन की सबसे लोकप्रिय कविताएँ | Harivansh Rai Bachchan Poems In Hindi




