x

राजस्थान की ऐतिहासिक धरोहर हवा महल | Hava Mahal History In Hindi

By N.j / About :-6 years ago

हम भारत देश के ऐतिहासिक धरोहरों की बात करे तो आज ऐसे कई किले व महल है जो भारत के इतिहास को और अधिक लोकप्रिय व अनोखा बनाते है। आज पूरे भारतवर्ष कई ऐसे किले व इमारतें है जो अपनी बनावट की कला के चलते दुनिया भर में प्रसिद्धि पा चुकी है। जब किलो महलो के इतिहास का जिक्र होता है तब राजस्थान के किलो को जिक्र सर्वप्रथम होता है। राजस्थान के प्रशिद्ध किलो में एक किला है हवा महल।

हवा महल जो अपनी एक अलग बनावट के लिए राजस्थान के ऐतिहासिक धरोहरों में सबसे अलग नजर आता है। हवा महल का निर्माण 1799 ई. में जयपुर के राजा सवाई प्रताप सिंह ने करवाया था। हवा महल को बनाने के लिए खास तौर पर लाल व गुलाबी पत्थरों से इसका निर्माण किया गया। कुल 5 मंजिला बना यह महल आज देश के साथ दुनिया भर के पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करता है।

हवामहल का इतिहास

राजस्थान की खूबसूरत धरोहरों में एक हवामहल का निमार्ण 1799 ने सवाई प्रताप सिंह ने करवाया था और इसको डिजाइन किया चंद उस्ताद ने। चंद उस्ताद ने हवामहल की डिजाइन भगवान श्री कृष्ण के मोर मुकुट के समान की। हवामहल में कुल 953 छोटी-छोटी खिड़कियां बनाई गई है जो इस महल की खूबसूरती को सबसे अलग बनाती है। हवा महल में बनाई इन खिड़कियों को “ झरोखे ” भी कहा जाता है। महल मे इन झरोखों से महल की रानियां बाहरी जीवन का दृश्य देखती थी, क्योकि तब वो “ प्रदा पर्था ” के चलते अपना घूँघट नही उठाती थी। हवा महल के इन झरोखों से ठंडी हवा का संचार होता है तभी तो तापमान अधिक होने पर भी यह अंदर से बिलकुल ठंडा रहता है। जयपुर में स्थित हवा महल आज राजस्थान के प्रमुख दर्शनीय धरोहरो में एक है।

हवा महल से जुड़ी बातें

हवा महल में बनी 953 खिड़कियों से ठण्ड़ी हवा का आने के चलते हवा महल को “ पैलेस ऑफ विंड्स ” के नाम से भी जाना जाता है।

हवा महल जो बिना किसी आधार के बना हुआ दुनिया का सबसे ऊंचा महल है।

हवा महल की बनावट इस तरह की यह जयपुर शहर की 5 मुख्य सड़को से दिखाई देता है।

हवा महल के अंदर प्रवेश करने के लिए कोई दरवाजा नही है, अंदर जाने के लिए महल के पीछे के रास्ते से होकर अंदर जाना पड़ता है।

हवा महल को बाहर से देखने पर यह एक सुंदर महल की तरह दिखाई देता है मगर दिलचस्प बात यह है की इस पांच मंजिला इमारत में एक भी कमरा नही बना हुआ है।

हवा महल का निमार्ण शाही महिलाओं के लिए किया गया था ताकी वो हवा महल के झरोखों इस शहर के बाजार व आयोजित होने वाले उत्सवों का नजारा देख सकें।

हवा महल भारत देश का एकमात्र ऐसा महल है जिसकी बनावट मुगल व राजपुत कल्चर स्टाईल में की गई है।

हवा महल के निमार्ण में गुलाबी व लाल पत्थरो का इस्तेमाल किया गया है।

आज हवा महल की खुबसूरती के चलते कई फिल्म निर्माता अपनी फिल्म को शूट करने के लिए हवा महल आते है।


राजस्थान की ऐतिहासिक धरोहर हवा महल | Hava Mahal History In Hindi