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सिन्धु नदी का सम्पूर्ण इतिहास जानें | History of the Indus River in Hindi

By rakesh / About :-2 years ago

सिन्धु नदी का सम्पूर्ण इतिहास जानें | Know The Complete History of The Indus River in Hindi

आप लोगो ने सिन्धु नदी का नाम तो सुना ही होगा तो आज हम आपको सिन्धु नदी के इतिहास के बारे में बताने वाले है, जिसे अंग्रेज़ी में ‘Indus River’ के नाम से जाना जाता है, यह नदी भारतीय उपमहाद्वीप और ऐशिया की सबसे लंबी और महत्वपूर्ण नदियों में से एक है।

यह नदी तिब्बत में मानसरोवर झील के आसपास से बहना शुरू होती है और उत्तर-पश्चिम की और बढ़ती हुई भारत के जम्मू-कश्मीर राज्य में प्रवेश कर जाती है। जम्मू-कश्मीर से होकर यह नदी पाकिस्तान में प्रवेश करती है और पूरे पाकिस्तान के दक्षिण दिशा(South direction) में बहती हुई अरब सागर में मिल जाती है।

सिन्धु नदी से सम्बंधित बेहद रोचक जानकारियां

देश           – चीन (तिब्बत), भारत और पाकिस्तान
राज्य        – चीन (तिब्बत), भारत (जम्मू और कश्मीर), पाकिस्तान (गिलगित-बाल्टिस्तान, पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा और सिंध)
उद्गम      – तिब्बत में मानसरोवर झील(lake) के पास ग्लेशियरों और अन्य छोटे-छोटे जल स्रोतों से
मुहाना      – अरब सागर (मुख्य) और रण ऑफ कच्छ (दूसरा)
लंबाई       – 3610 किलोमीटर

सिन्ध नदी का उद्गम स्थल तिब्बत में मानसरोवर के निकट 5180 किमी की ऊॅचाई से है
यहां से यह नदी तिब्बत और कश्मीर के बीच बहती है
सिन्ध नदी  लंबाई लगभग कुल 2880 है
सिन्ध नदी भारत में 1114 किमी है
इस नदी का अंत कराची के निकट अरब सागर(Arabian Sea) में है
सिन्‍धु नदी(river) पकिस्‍तान की सबसे बडी नदी है
इस नदी की सहायक नदियां(Rivers) सतलज, व्यास, रावी, चिनाब, झेलम, सिंगी, जास्कर, गरवंग आदि हैं
इस नदी के किनारे बसे नगर सखूर, हैदराबाद, डेरागाजीखान, सभी पाकिस्तान में हैं
यह नदी लद्दाख, वालटेस्‍टोन एवं पाकिस्‍तान से होकर बहती हैै
इस नदी के किनारे बसे प्रमुुख शहर सखूर, हैदराबाद, इेरागाजीखान, इेराइस्‍माइलखान, है
जो शहर सिंध नदी के किनारे बसेे हैं वे सभी शहर(city) पाकिस्‍तान में हैं

सिन्धु नदी के नाम

प्राचीन संस्कृत ग्रंथों में ये नदी ‘सिन्धु’ के रूप में उल्लिखित है। इस शब्द का अर्थ होता है ‘सागर या पानी का बड़ा समूह’। ईरान के निवासी इसे हेंदू (Hendu) कहने लगे। ईरानियों से ये नाम युनानी (ग्रीक) इंसानो के पास पहुँचा, जिन्होंने इसे ‘इंडोस’ (Indos) में बदल दिया और रोमन लोग इसे ‘इंडस’ (Indus) कहने लगे।

कई भाषाविदों का मानना है कि सिंधु नदी का मतलब ‘सागर या पानी का बड़ा समूह’ होने के बजाय ‘सीमा या किनारा’ होता है। पुराने वक़्त में सिन्धु नदी ईरानियों और भारतीयों(indian) के बीच सीमा या सरहद का काम(work) करती थी।

प्राचीन भारत में ये नदी कितनी आवश्यक(Required) जगह रखती थी, इस बात का मालूम इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रथम वेद, ऋग्वेदिक में ‘सिंधु’ शब्द 176 बार किसी ना किसी तरह पाया जाता है।

सिन्धु नदी के कारण से पड़ा भारत का नाम

भारत को अंग्रेज़ी में India कहा जाता है, और ये नाम(name) सिन्धु नदी के कारण से ही पड़ा है। जैसा कि हमने आपको बताया है कि ग्रीक और रोमन लोग सिन्धु नदी को Indos या Indus कहते थे। तो उन्होंने भारत को India बोलना शुरू कर दिया, जिसका मतलब होता है– ‘इंडस नदी का देश’ (Country of the River Indus)।

हिंदुस्तान या हिंदु नाम भी इसी नदी के नाम से ही पड़ा है। क्योंकि पश्चिम से भारत में आने वाले बहुत लोग सिंधु नदी को ‘हेंदु नदी’ कहते थे। तो उन्होंने सिंधु नदी के पार रहने वाले इंसानो(Human) को हिंदु बोलना शुरू कर दिया और उनके देश(country) को हिंदुस्तान, जिसका मतलब होता है – ‘हिंदुओं का स्थान’। पुराने वक़्त में भले ही हिंदुस्तान में कई और धर्मों(Religions) के इंसान भी निवास करते है, परन्तु(but) एक हजार वर्ष पहले भारत में केवल हिंदु धर्म ही हुआ करता था।

पाकिस्तान के लिए बहुत जरूरी है सिन्धु नदी

सिन्धु पाकिस्तान की सबसे लंबी नदी होने के साथ-साथ पाकिस्तान की राष्ट्रीय नदी भी है। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा सिंधु नदी के पानी पर निर्भर करता है। पाकिस्तान के पंजाब और सिंध राज्य की खेतीबाड़ी(Agriculture) सिंधु नदी के जल पर ही निर्भर रहती है।

जिन 5 नदियों के कारण से पंजाब(punjab) का नाम पड़ा है, वो सभी पाकिस्तान में ही सिन्धु नदी में मिल जाती हैं। ये 5 नदियां हैं – जेहलम, चनाब, रावी, व्यास और सतलुज। सिन्धु नदी(river) को मिलाकर ये पांचो नदियां(rivers) भारत से होकर ही पाकिस्तान में जाती हैं।

वर्ष 1960 में भारत और पाकिस्तान बीच सिंधु जल का समझौता हुआ था जिसमें सिन्धु और पंजाब की सभी 5 नदियों के पानी का बटवारा किया गया था। इसमें पाकिस्तान के हिस्से में नदियों का 80% पानी आया था, जबकि भारत को केवल 20% पानी ही मिला।

सिन्धु नदी से जुड़ी अन्य बातें

सिन्धु नदी लगभग 11,65,000 वर्गकिलोमीटर के इलाके को सींचती है। हर साल इसमें 243 घन किलोमीटर पानी का बहाव होता है। पानी की इतनी मात्रा विश्व की सबसे लंबी नदी नील से से भी दोगुनी है। इस मामले में सिंधु दुनिया की 21वीं सबसे ज्यादा बहाव वाली नदी है।

मौसम सिन्धु नदी के बहाव को बहुत प्रभावित करता है। सर्दियों में जहां इसका पानी बहुत कम हो जाता है, तो वहीं मानसून की वर्षा ऋतु में इसके किनारो पर बाढ़ आ जाती है।

वक़्त-वक़्त पर भुकंपों और अन्य प्राकृतिक(Natural) बदलावों के कारण सिंधु नदी के जलमार्ग में बदलाव होता आ रहा है।

सिन्धु नदी का सम्पूर्ण इतिहास जानें | History of the Indus River in Hindi