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IAS गौरव सिंह सोगरवाल | IAS Gaurav Singh Sogarwal Success Story In Hindi

IAS गौरव सिंह सोगरवाल | IAS Gaurav Singh Sogarwal Success Story In Hindi

In : Meri kalam se By storytimes About :-8 months ago
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ट्यूशन पढ़ाकर बहन की शादी की और तीन बार असफल होने के बाद हासिल किया अपना IAS बनने का सपना | IAS Gaurav Singh Biography In Hindi

दोस्तों हर इंसान जब भी किसी मुकाम को पाने की कोशिश करता है और उसकी मंजिल में कोई ना कोई रुकावट आ जाती है तो हम इसका सीधा दोष भगवान को देते है और मन मार कर बैठ जाते है. लेकिन दोस्तों इस संसार में कई ऐसे भी लोग है जो अपनी मंजिल को पाने के लिए कुछ कर गुजरते है। फिर उनके सामने कितनी भी मुश्किलें क्यों ना हो। दोस्तों आज हम ऐसे ही इंसान  की बात करने जा रहे है जिसने अपनी मेहनत से पूरी दुनिया को चौंका दिया।

IAS गौरव सिंह सोगरवाल बचपन एवं परिवार |  IAS Gaurav Singh Sogarwal Faimly

IAS Gaurav Singh Sogarwal Success Story In Hindi

Source www.iaspassion.com

दोस्तों गौरव को बचपन में काफी परेशानियो का सामना करना पड़ा गौरव जब 3 साल के थे तब उनकी माँ का देहांत हो गया था बचपन उनका पिता के हाथो में ही गुजरा फिर साल 1997 में गौरव के पिता ने दूसरा विवाह कर लिया और जब गौरव 14 साल के हुए तब उनके पिता का साया भी गौरव के सिर से उठ गया फ़िलहाल गौरव के परिवार में उसकी सौतेली माँ और 2 भाई -बहन है। दोस्तों इस तरह के मुश्किलों को देखने के बाद भी  गौरव ने हार  नही मानी|  

ट्यूशन पढ़ाकर की IAS की पढ़ाई | Gaurav Singh Sogarwal IAS 

दोस्तों राजस्थान के भरतपुर जिले के गौरव ने अपने घर की आर्थिक स्थिति सही नहीं होने के कारण एक कोचिंग सेंटर में पढ़ा कर अपनी पढ़ाई पूर्ण की कई कोचिंग सेंटर पर जा कर कोचिंग करा कर अपनी बहन की शादी और भाई को MBA की पढ़ाई करवाई। दोस्तों गौरव का बचपन से एक ही सपना था की IAS बनाना । और इस सपने के साथ अपने गांव को छोड़ पढ़ाई के लिए दिल्ली चले गए और वहां गौरव ने पाणिनि क्लासेज से संस्कृत का विषय ले कर IAS की तैयारी में लग गए दोस्तों संस्कृत का विषय में IAS बनाना गौरव के लिए एक कठिन रास्ता था।

99वी रैंक लाने के बाद भी हुए असफल | IAS Gaurav Singh Sogarwal Information In Hindi

IAS Gaurav Singh Sogarwal Success Story In Hindi

दोस्तों अपने लक्ष्य को पाने के लिए गौरव ने रात-दिन एक कर दिए लेकिन फिर भी गौरव को गौरव को 2 बार असफलताओ का सामना करना पड़ा। फिर भी गौरव ने हार नहीं मानी और तीसरी बार में गौरव ने पुरे भारत में 99वी रैंक हासिल की लेकिन दोस्तों इस रैंक के बावजूद भी गौरव को हर साल 99वी रैंक हासिल करने वाले को IAS काडर नहीं दिया गया।

फिर भी गौरव ने हार नहीं मानी और अपने प्रयास जारी रखे और साल 2017 में गौरव ने IAS की परीक्षा में गलती से हिंदी माध्यम की जगह फॉर्म में इंग्लिश को सलेक्ट कर लिया

आखिरी हुआ चयन |  IAS Gaurav Singh Sogarwal 2017

IAS Gaurav Singh Sogarwal Success Story In Hindi

Source www.iaspaper.net

दोस्तों फिर भी गौरव ने हार स्वीकार नहीं की और इंग्लिश माध्यम से परीक्षा दी। गौरव की परीक्षा का समय था तब वो काफी परेशानी में थे  परन्तु दोस्तों गौरव ने तो अपनी मजिल हासिल करने का मन बना लिया था आखिर जब 2017 में IAS परीक्षा का रिजल्ट आया तो गौरव ने पुरे भारत में 46वी रैंक हासिल की  और अपने इस अंतिम प्रयास में में अपने सपने को सफल कर लिया।