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छटवी फेल पहले प्रयास में IPS बनने वाली रुक्मिणी रायर | IAS Rukmani Riar Story In Hindi

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यूपीएससी परीक्षा का नाम आते ही बस मन में एक ही ख्याल आता है कड़ी मेहनत व संघर्ष । यदि आप आई.एस , आईपीएस बनने के सपने देख रहे है तो आपको इसके लिए दिन -रात मेहनत की जरुरत होती है। अब तक आपको स्टोरी टाईम्स के लेख में ऐसे कई आईपीएस ऑफिसर के जीवन के बारे में बता चुके है जिन्होंने अपनी विपरीत परिस्थितियों में हार न स्वीकार करते हुए मंजिल पाई। लेकिन आज हम यूपीएससी परीक्षा को पास कर आईएएस बनने वाली उस महिला की बात करने वाले है जो कक्षा 6 में फेल होने के कारण पूरी तरह डिप्रेशन में चली गई थी, मगर कहते है ना जब आपके अंदर फिर उठ खड़े की हिम्मत हो तो हर मुश्किल मंजिल आसान हो जाती है.
खुद ही की यूपीएससी की तैयारी
दोस्तो हम जिस शख्सियत की बात कर रहे उसका नाम है रुक्मिणी जो चंडीगढ़ शहर की रहने वाली है। स्कूली शिक्षा के दौरान कक्षा 6 में असफल होने के कारण वो अंदर ही अंदर परेशान रहने लगी थी। मगर इस बात को भुलाते हुए रुक्मिणी ने आईएएस बनने की ठानी, और सपने को सच भी साबित कर दिखाया। रुक्मिणी की इस सफलता में खास बात यह रही की उन्होंने यूपीएससी की इस परीक्षा को पास करने के लिए किसी भी कोचिंग संस्थान का सहारा नही लिया उन्होंने घर पर ही अपनी तैयारी से इस परीक्षा को पास किया। - IAS Rukmani Riar Story In Hindi
रुक्मिणी ने यूपीएससी की यह परीक्षा साल 2011 में पास की। इस परीक्षा में खास बात यह रही की रुक्मिणी ऑल इंडिया में दुसरी रैंक हासिल कर इस मुकाम को हासिल किया। टाटा इंस्टीट्यूट ऑ सोशल साइंसेज से मार्स्टस की डिग्री हासिल उन्होंने यूपीएससी में कुछ करने का सपना देखा। जो उनकी मेहनत की वजह से पहले ही प्रयास में सफल हुआ। रुक्मिणी अपनी इस सफलता को अपनी स्कूली शिक्षा के दौरान नाकामयाबी को बताया उनके अनुसार वो समय ही था जब उनके अंदर कुछ बड़ा करने के भाव पैदा हुए थे।
तनाव को मात देकर बढ़ी आगे | IAS Rukmani Riar
जब स्कूली शिक्षा के दौरान कक्षा 6 में असफल हुई तब व इतना परेशान रहने लगी की उनके मन में अलग-अलग सोच विकसित होने लगी । टीचर्स क्या कहेगे, मम्मी पापा, दोस्त सब मेरी इस असफलता पर अलग-अलग प्रतिक्रिया देगें। लेकिन तब रुक्मिणी के दिमाग में आया की इस तरह की सोच को लेकर वो आगे नही बढ़ सकती है। अब इसी असफलता को एक बड़ी सफलता के साथ भूलाना है।
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लहरा दिया परचम बन गई आईएएस | IAS Rukmani Riar In Hindi
यदि आप अपने जीवन में बुरे दौर का सामना कर रहे है तो उससे कभी परेशान न हो । अपना लक्ष्य निर्धारित कर उसे पाने के लिए निरतंर प्रयास करते रहे। यह बात सही कही गई है कि जब कोई अपने दिल व मन से कुछ पाने के लिए निकलता है तब वो एक दिन जरुर सफल होता है। रुक्मिणी की कहानी में भी ऐसा ही हुआ उन्होंने एक असफलता को भूलाते हुए आगे बढ़ने की ठानी और अपने पहले ही प्रयास में आईएएस बन गई।
दोस्तो आईएएस रुक्मिणी की इस सफलता से इस बात की प्रेरणा मिलती है कि जीवन में एक असफलता हमारा करियर तय नही करती, इसलिए प्रयास करे सफलता एक दिन जरुर आपके कदमो में होगी।
छटवी फेल पहले प्रयास में IPS बनने वाली रुक्मिणी रायर | IAS Rukmani Riar Story In Hindi




