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भारत के 5 खूंखार डाकू जिनसे कांपते थे पुलिस के पैर | India Top 5 Dacoit History In Hindi

भारत के 5 खूंखार डाकू जिनसे कांपते थे पुलिस के पैर | India Top 5  Dacoit History In Hindi

In : Meri kalam se By storytimes About :-7 months ago
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डाकू जिनका नाम सुनते ही लोग अपने घरों में छिप जाते थे डाकुओ के नाम से भारत में कई नाम जुड़े है जिनका अलग ही रुतबा था जो ना पुलिस से डरते ना सरकार से दोस्तों हमने डाकुओं से जुडी कई हिंदी फिल्में  देखी है वो फिल्में थी लेकिन दोस्तों भारत में 5 ऐसे डाकू भी हुए जो मौत को हाथ में लेकर चलते थे तो चलिए उन 5 खूंखार डाकुओं के बारे में जानते है.

#1. डाकू मान सिंह | Daku Man Singh

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जब भी डाकू नाम का शब्द आता है तब चम्बल के डाकुओं को कौन भूल सकता है सन 1940 से 1945 तक सबसे बड़े डकैत मान सिंह का राज था। जब भी चम्बल के डाकुओं के नाम लिए जाते है तब मान सिंह का नाम लिस्ट में सबसे ऊपर आता है डकैत मानसिंह का जन्म राजपूत परिवार में हुआ था इनका चम्बल के खेला राठौर नाम के छोटे से गांव में जन्म हुआ था। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार डकैत मान सिंह पर 1112 लुट और 125 हत्या के मामले दर्ज थे जो एक खुंखार डाकू होने का प्रमाण देती है दोस्तों मान सिंह गरीब लोगों के लिए भगवान के रूप में माना जाता था क्योंकि मान सिंह जब भी कोई डकैती करता तब आधा हिस्सा करीब लोगों में दान कर देता था। साल 1955 में मान सिंह को भिंड जिले में पुलिस ने घेर लिया और उनका एनकाउंटर कर दिया.

#2. वीरप्पन | Veerappan

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बचपन से ही जंगल में शिकार करने के शौकीन रहे डाकू वीरप्पन ने महज 18 साल की उम्र में एक शिकार करने वाली गैंग शामिल हो गए वीरप्पन डकैती के बाद ज्यादातर केरल तमिलनाडु के घने जंगलो  में अपने साथियों के छिपकर रहता था। इसी जंगल में रहते हुए वीरप्पन ने करीब 900 हाथियों की हत्या कर दी थी। ऐसा माना जाता है के वीरप्पन के पास भारी मात्रा में डकैत टीम थी और इन्हीं के सहयोग से वीरप्पन कई सालो तक भारतीय सेना के हाथ नहीं आया था दोस्तों वीरप्पन एकमात्र ऐसा डाकू था जिसको पकड़ने के लिए सरकार के खजाने से 20 करोड़ रूपये खर्च हो गए थे लेकिन आखिर वीरप्पन के इस आतंक ने 8 अक्टूबर 2004 को अंतिम साँस ली सेना ने वीरप्पन का एनकाउंटर कर दिया.

#3. निर्भय सिंह गुर्जर | Daku Nirbhay Gujjar

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चम्बल के बीहड़ो में खौफ़ का दूसरा नाम था निर्भय सिंह गुर्जर. गुर्जर की गैंग में 100 से अधिक लोग  थे लेकिन जो हथियार आज सेना के पास है वो उस समय गुर्जर की गैंग के लोगों के पास थे इनके पास एके-47 और आधुनिक बम दूरबीन  बुलेट प्रूफ जैकेट और मोबाइल भी थे । गुर्जर ने इटावा के बिठौली थाना इलाके में करीब डेढ़ दशक तक लोगों पर अपनी धाक जमाये रखी और इन पर राज किया. गुर्जर पर हत्या लूट से जुड़े हजारों की संख्या में मामले दर्ज थे सरकार ने गुर्जर पर 5 लाख का इनाम रखा था करीब 200 गांवो पर गुर्जर ने अपना आतंक फैला रखा था। गुर्जर जब भी किसी गांव में डकैती करता वहां से लड़कियों को अगवा कर लेता था और उनसे शादी कर लेता गुर्जर अपने दम पर कई लोगों को सरपंच और विधायकों के चुनाव जिताये साल 2005 में पुलिस ने गुर्जर का एनकाउंटर कर दिया.

#4. सुल्ताना डाकू | Sultana Daku

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बीसवीं सदी में सबसे चर्चित डाकू था सुल्ताना डाकू सुल्ताना डाकू अमीरो में भय और गरीबो में दया के लिए जाना जाता था इन्हें गैंग और पश्चिमी मीडिया ने रॉबिनहुड दे रखा था। एक जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में नजीबाबाद में एक किला बना हुआ है जिसे सुल्ताना डाकू का किला कहा जाता है। ब्रिटिश सरकार के खजाने में कई बार सेंध मार कर गरीब लोगों में धन बांटा लेकिन एक बार एक डकैती के दौरान ब्रिटिश सैनिको ने उन्हें पकड़ लिया और फांसी दे दी.

#5. फूलन देवी | Lady Daku Phoolan Devi

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Source timesofindia.indiatimes.com

दहशत और खौफ़ का दूसरा नाम था लेडी डाकू फूलन देवी बाल्यावस्था में फूलन की खुद से 30 साल उम्र में बड़े व्यक्ति से शादी कर दी गई साल 1979 में फूलन देवी को एक डकैत गैंग ने उनके घर से अगवा कर लिया इस अपहरण के बाद फूलन देवी के साथ हुए बलात्कार और भयंकर अत्याचार के बाद फूलन देवी का नाम पुरे देश में लोग जानने लगे फूलन देवी ने तभी सोच लिया की जिसने भी मेरे साथ ये घिनौना काम किया है उसका वो बदला लेकर रहेगी दोस्तों फूलन देवी दुनिया की नजरों में तब आयी जब उनके साथ हुए अत्याचारों का बदला लेने के लिए उनकी गैंग ने कानपूर के एक गांव को चारो तरफ से घेर लिया इस दौरान फूलन देवी को वो लोग तो नहीं मिले जिन्होंने फूलन के साथ अत्याचार किये थे लेकिन उसी गांव में गैंग ने 21 राजपूतों को लाइन में खड़ा कर गोलियों से उडा दिया इस हमले के बाद सरकार हरकत में आ गई और फूलन देवी ने इंदिरा गाँधी के कहने पर साल 1983 को सरेंडर कर दिया 11 साल तक वो जेल में रही जेल से रिहा होने के बाद फूलन देवी ने राजनीती में कदम रखा और  1996 में UP के भदोही सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ा और इन्हें जीत भी मिली  25 जुलाई सन 2001 को दिल्ली अपने आवास पर शेर सिंह राणा नाम के व्यक्ति ने गोली मारकर हत्या कर दी.

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