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अगर अंग्रेज भारत नहीं आते तो कैसा होता भारत | India Without British Rule

अगर अंग्रेज भारत नहीं आते तो कैसा होता भारत | India Without British Rule

In : Meri kalam se By storytimes About :-11 months ago
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अगर अंग्रेज नहीं आते तो कैसा होता भारत | If The British Had Never Ruled Our Country, This Would Be India Today

अगर अंग्रेज भारत नहीं आते तो कैसा होता भारत, चलिये जानते है। की अगर अंग्रेजो ने भारत पर राज नहीं किया होता तो क्या भारत इतना विकसित होता या नही ? इसका जवाब आपको इस पोस्ट को पढ कर मिल जाएगा। तो चलिए बताते है। लगभग अंग्रेजो ने भारत पर 150 सालो तक राज किया है। पहले भारत को सोने की चिड़िया (Bird) कहा जाता था। लेकिन अंग्रेजो ने इसे बहुत लुटा और इसके साथ - साथ भारत का कोहिनून भी ले गये। कुछ लोगो का मानना है कि अगर भारत में अंग्रेज नहीं आते तो इतना विकास नही होता तो क्या भारत के लोग हाथ पर हाथ रखे ही बैटे रहते क्या वह काम नही करते। आज भारत ने विश्व में अपनी जगह बना रखी है। तो क्या वो भी अंग्रेजो (British) की ही बदौलत है।

 #1. आज सबसे ज्यादा अमीर होता भारत 

India Without British Rule

भारत को ऐसे ही सोने की चिडिया नहीं कहा जाता था। भारत के पास कोहिनूर से लेकर कई किमती हीरे (Diamond) - जवाहरात थे। प्राचीन समय में भारत की जितनी संपति (Property) किसी और देश का पास नहीं थी। इस हिसाब से आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे अमीर (Rich) देश होता। 
आपको जानकर हैरानी होगी कि गुलामी (Slavery) के दौर में अंग्रेज हर साल भारत से 4 मिलियन पाउंड की दौलत ले जाते थे। यह आंकडे उस समय के हिसाब से बहुत ज्यादा है। 

#2. दूसरे विश्वयुद्ध का भी पडा असर 

India Without British Rule
भारत उस समय भी एक शांतिप्रिय (Peace loving) देश था और आज भी हमारा देश शांति का ही संदेश देता है लेकिन गुलामी के दौरान दूसरे विश्वयुद्ध में अंग्रेजों ने भारत के 10 लाख सैनिको को युद्ध में भेजकर भारत को भी इसमें शामिल कर लिया था।

#3.आज भारत का औद्योगिक विकास होता मजबूत

 India Without British Rule
अंग्रेजो की गुलामी का असर भारत के उद्योग पर भी पडा था। अंग्रेज भारत के टेक्सटाइल उद्योग को इंग्लैंड ले गए और इससे भारत को आज भी बहुत नुकसान होता है।

#4.शिक्षा पर असर 

India Without British Rule

प्राचीन समय में भारत के लोग शिक्षा के लिए गुरुकुल में जाया करते थें। लेकिन आज सभी पर अंग्रेजी मिडियम (Medium) का बुखार चढ़ा हुआ है। यह भी अंग्रेजो के कारण ही है। आज हम ब्रिटिश इंग्लिश बोलते है। जब अंग्रेज भारत आये थे तो उन्होंने ही यहाँ अंग्रेजी में शिक्षा (Education) दिना प्रारम्भ किया था। 
अंग्रेज अगर भारत नहीं आते तो क्या - 
अगर अंग्रेजो ने भारत को गुलाम (Slaves) नहीं बनाया होता तो भारत आज भी सोने की चिडिया होता। और आज भारत एक सुपर पॉवर होता। 

#5. अंग्रेजी भाषा का इस्तेमाल -

India Without British Rule

 ब्रिटिश काल (British period) के दौरान ही भारतीयो ने अंग्रेजी भाषा का इस्तेमाल शुरू कर दिया था। अब अगर आप यह सोच रहे है। कि अंग्रेजी भाषा (language) से भारतीयों को नुकसान हुआ है तो आप शायद गलत है। अंग्रेजी एक ऐसी भाषा है जो पूरे विश्व के कई देशों में बोली जाती है और इसके कारण ही भारतीय (Indian) अपनी बात को आसानी से दूसरे लोगो (people) के सामने रख पाते हैं लेकिन सिक्के का दूसरा पहलू भी है अंग्रेजी के कारण आज लोग अपनी मात्र भाषा हिन्दी को भूलते जा रहे है। विश्व में कई ऐसे देश है जो अपनी मात्र भाषा बोलते है और आज विकसित भी है। लेकिन भारत में तो आज अंग्रेजी बोलने वाले व्यक्ति को ही शिक्षित माना जाता है। अगर नौकरी करनी है तो अंग्रेजी आनी चाहिए, किसी को इम्प्रेस करना हो तो अंग्रेजी आनी चाहिए, ओर तो और आज अगर किसी बच्चे का एडमिशन किसी इंग्लिश मीडियम (Medium) में करना है तो माता - पिता को इंग्लिश आनी चाहिए। 
कुछ लोगा के अनुसार -

#6. भारतीय रेलवे 

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भारतीय रेलवे का आविष्कार अंग्रेजो के शासन में ही हुआ था क्योंकि उस समय अंग्रेजों को माल एक जगह से दूसरे जगह ले जाने में काफी दिक्कत हुआ करती थी इसलिए उन्होंने ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर  (Infrastructure) डेवलप (Develop) किया जिसकी वजह से रेल के माध्यम से आसानी से सामन को एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सके और इसी वजह से भारत का ट्रांसपोर्टेशन (transportation) सिस्टम शुरू हुआ। अगर अंग्रेजो ने रेल नहीं चलाई होती तो क्या भारत के लोग रेल नहीं चलाते। आज भारत में बुलेट ट्रेन (Bullet train) बनाई जा रही है वो भी भारत के इंजीनियर (engineer) के द्वारा । यह भारत में 2022 तक शुरू (Start) हो जायेगी। 

#7. भारतीय सेना

भारतीय सेना का गठन भी ब्रिटिश शासनकाल में ही हुआ था और आज तक भी कई डिसिप्लिन और कलचर भारतीय सेना में ब्रिटिश काल के ही दोहराए जा रहे है। लेकिन ब्रिटेन (Britain) से आजाद होने के बाद भी भारतीय सेना ने विश्व में अपना प्रेम कायम रखा है। 

 #8.टीका (वैक्सीनेशन)

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उन्नीसवी और बीसवी शताबदी में भारत चेचक (स्मॉलपॉक्स) जैसी बीमारी (Disease) की मार झेल रहा था उस समय ब्रिटिश काल  के दौरान ही इनके टीके उपलब्ध कराए गए और भारतीय वैक्सीनेशन एक्ट को पास किया गया। 1892 में स्मॉल पॉक्स का टीका ईजाद करके भारतीयों में इसे वितरित किया गया। 

#9. भारतीय जनगणना

भारत की पहली जनगणना 1871 में की गई थी इसे करने में 10 साल का समय लगा। इस जनगणना को उम्र, जेंडर , रिलीजन, कास्ट और ऑक्यूपेशन के हिसाब से किया गया। इस जनगणना (Census) को करने का मुख्य कारण यह था कि ब्रिटिश शासक (British ruler) यह जानना चाहते थे कि भारत में कितने पढे लिखे लोग है। यह जनगणना आज तक भी की जाती है आखरी जनगणना 2011 में की गई थी। अब तक जनगणना 15 बार की गई है।

#10. सर्वे करना

ब्रिटिश काल में ही भारत सर्वे करने की प्रथा शुरू हुई थी ज्योग्राफिकल सर्वे 1851 से शुरू कर दिए गए थें जिसमें हर गांव शहर के नक्शे इत्यादि सब तैयार किए गए थे जिनके आधार पर ब्रिटिश शासन सेना और समाज को विभाजित (Divided) करते थे।