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किरण बेदी का जीवन एवं इतिहास | Life and History of Kiran Bedi in Hindi 

किरण बेदी का जीवन एवं इतिहास | Life and History of Kiran Bedi  in Hindi 

In : Meri kalam se By storytimes About :-11 months ago
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किरण बेदी का जीवन | All About Kiran Bedi Life story in Hindi

  • नाम                 -  डॉ. किरण ब्रज बेदी
  • जन्म               -  9 जून, 1949 अमृतसर, भारत
  • जीवनसाथी       -  ब्रज बेदी
  • सन्तान            -  सइना बेदी
  • पिता               -  प्रकाशलाल पेशावरिया
  • माता               -  प्रेमलता

किरण बेदी भारत की प्रथम महिला है जो भारतीय पुलिस सेवा में सम्मिलित हुई(1972) । वर्तमान समय में किरण बेदी पुडुचेरी की उप राज्यपाल हैं । भारतीय पुलिस सेवा से रिटायर होने के बाद उन्होने राजनीतिक जीवन में प्रवेश किया । उन्होने नवज्योति इंडिया फ़ाउंडेशन तथा इंडिया विजन फ़ाउंडेशन  नामक दो संगठनो की शुरुआत कर अपने सामाजिक दायित्व को निभाने का कार्य किया है। आई0 आई0 टी0 दिल्ली से पी0 एच0 डी0 की उपाधि प्राप्त करने वाली तथा दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई करने वाली किरण बेदी ने अमृतसर से स्कूली शिक्षा प्राप्त की थी । इन्होंने राजकीय महिला विद्यालय अमृतसर से इंग्लिश में स्नातक की पढ़ाई की है। 9 जून 1949 को जन्म लेने वाली किरण बेदी लाला हरगोविंद की वंशज हैं। प्रकाश लाल पेशावरीया तथा प्रेमलता इनके माता पिता हैं। किरण बेदी की तीन बहनें भी हैं । इनके पति ब्रिज बेदी हैं जो की व्यवसाय से टेक्सटाइल इंजीनियर हैं। 

Kiran Bedi Life story

किरण बेदी को इंस्पेक्टर जनरल के रूप में कारागार सुधारों(1994) के लिए विशेष तौर पर जाना जाता है। उन्होने इंस्पेक्टर जनरल के पद पर रहते हुए तिहाड़ जेल में होने वाले भ्रष्टाचार और मानवाधिकार उल्लंघन को हटाने का कार्य किया था। वहाँ उन्होने साफ सफाई और कैदियों की शिक्षा के लिए काफी कार्य किया । किरण बेदी विश्व की प्रथम ऐसी महिला तथा प्रथम भारतीय हैं जिन्हें 2003 में संयुक्त राष्ट्र के नागरिक पुलिस सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया । किरण बेदी एक अच्छी टेनिस खिलाड़ी भी हैं इन्होने कई प्रतियोगिताएं भी जीती हैं।  किरण बेदी ने इंडिया अगेन्स्ट करप्श आंदोलन मे भी भाग लिया था, जो अन्ना हजारे द्वारा चलाया गया था। इस आंदोलन के दौरान उन्हें विरोध के कारण जेल भी भेजा गया था। इस आंदोलन के परिणाम स्वरूप ही भारतीय संसद ने उनके द्वारा उठाए गए बिन्दुओं को लोकपाल बिल में शामिल किया था। 

किरण बेदी अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी में सम्मिलित नहीं हुईं ।किरण बेदी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार श्री नरेंद्र मोदी का समर्थन किया था। 2015 में किरण बेदी भारतीय  जनता पार्टी में आधिकारिक रूप से शामिल हो गयी। 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें मुख्य मंत्री पद  के दावेदार के रूप में पेश किया था, किरण बेदी ने दिल्ली की कृष्ण नगर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था जिसमें उनको हार का सामना करना पड़ा ।

Kiran Bedi Life story

किरण बेदी की पुत्री साइना का जन्म 1975 मे हुआ था। उनकी पुत्री ने भी समाज सेवा में अपना योगदान दिया है। किरण बेदी को ‘क्रेन बेदी’ के नाम से भी जाना जाता है। उन्होने तत्कालीन प्रधान मंत्री इन्दिरा गांधी की कार को भी नियमों के उल्लंघन के लिए खिचवा दिया था। किरण बेदी के द्वारा शुरू किए गए दो संस्थानों में नशे की लत से जूझ रहे युवाओं को नशा मुक्ति एवं समाज के साथ एकीकरण करने का कार्य कर रही हैं। उन संस्थानो का कार्य क्षेत्र बढ़कर महिला सशक्तिकरण और अशिक्षा जैसे क्षेत्रों तक हो गया है। किरण बेदी के इन संस्थानो को विशिष्ट योगदान के लिए संयुक्त राष्ट्र से पुरस्कार मिल चुका है। 

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2005 में जेलों में किए गए मानवीय कार्यों के लिए उन्हें ‘‘डॉक्टर ऑफ ला’’ की मानक उपाधि से सम्मानित किया गया। 25 दिसंबर 2007 को किरण बेदी ने भारतीय पुलिस सेवा से सेवा निवृत्ति लेकर अपने आप को समाज सेवा के कार्य के लिए पूर्ण रूप से सौंप दिया । किरण बेदी ने ‘आप की कचहरी’ नामक मशहूर टी0 वी0 सीरियल को होस्ट किया है। किरण बेदी ने चंडीगढ़ के गवर्नर के सलाहकार तथा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के डाइरेक्टर जनरल के पद पर भी काम किया है। दिल्ली में होने वाले 1982 के एशियन खेलों के कारण होने वाले ट्रेफिक को इन्होंने डी0 सी0 पी0 के पद पर रहते हुए बड़ी कुशलता से नियंत्रित किया ।

Kiran Bedi Life story

वाहनों के चालान के संबंध में किए गए परिवर्तन तथा गलत तरीके से खरीद किए गए वाहनों के संबंध में किए गए उनके फैसले काफी चर्चित हुए। एशियाई खेलों के दौरान सफलता पूर्वक दिल्ली के ट्रेफिक को नियंत्रित करने के लिए उन्हें एशियाई ज्योति का पुरस्कार देने का प्रस्ताव किया गया, जिसे उन्होने पूरी ट्रेफिक यूनिट को देने की शिफारिश की । इसके अलावा 15 नवंबर 1978 को दिल्ली में इंडिया गेट के पास अकाली और निरंकारी सिक्खों की झड़प को किरण बेदी ने सफलता पूर्वक नियंत्रित किया। जिसके लिए उन्हें भारत के राष्ट्रपति से 1980 में पुलिस मेडल से सम्मानित किया गया । 

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1982 के एशियाई खेलों के आयोजन के समय किए गए ट्रेफिक संबंधी कार्यों के कारण शाशन के गलियारों में कुछ लोग इन्हें नापसंद करने लगे, इसकी वजह से एशियाई खेलों के समापन के बाद किरण बेदी का तीन वर्षो के लिए गोवा में ट्रान्सफर कर दिया गया । गोवा पहूँचने पर किरण बेदी ने देखा की जुवारी पुल बनकर पूर्ण हो गया था, लेकिन जनता के लिए उसका उद्घाटन नहीं किया गया था । गोवा की राज्य सरकार उसका उदघाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी से करवाना चाहती थी। किन्तु इन्दिरा गांधी का पुल उदघाटन के लिए आना निश्चित नहीं हो पा रहा था। इस कारण वश सामान्य जनता को जुवारी नदी पार करने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ता था। 

Kiran Bedi Life story

किरण बेदी ने निरीक्षण के दौरान यह पाया की जुवारी नदी पर पुल उदघाटन न होने की वजह से काफी जाम लगा हुआ था। किरण बेदी ने उसी समय उस पुल को आम जनता के लिए खोल दिया । किन्तु उनके इस कार्य के लिए राजनीतिक दलों के बीच उनकी  काफी आलोचना हुई । 1985 में पुलिस कमिश्नर वेद मारवाड़ ने किरण बेदी को पुलिस हैड क्वार्टर के साथ संलग्न करने का निश्चय किया । यहाँ किरण बेदी ने एक ही दिन में कई लंबी फाइलों को निपटाकर एक ही दिन के अंदर 1600 पदोन्नतियों को मंजूरी दे दी । इसनें व्यापक रूप से पुलिस कर्मियों को प्रेरित किया । 

किरण बेदी की अभूतपूर्व उपलब्धियों ने भारत में लड़कियों को नए अवसरों की ओर प्रेरित किया है। उनकी ‘उड़ान’ से दूसरी महिलाओंमें भी समाज एवं परिवार के लिए सभी बाधाओं को पार कर ,मुसीबतों का सामना कर जीवन में कुछ कर दिखाने का जज्बा मिलता है  । भारतीय पुलिस सेवा में रहकर किए गए कार्यों के कारण यह देश उनका ऋणी है । उन्होने महिलाओं की कई पीड़ियों को प्रेरित किया है और आगे भी करती रहेंगी । एक टेनिस खिलाड़ी के रूप में भी उन्होने अपना योगदान दिया है।  

उपलब्धियां एवं पुरस्कार-

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मदर टेरेसा अवार्ड फॉर सोसल जस्टिस (2005) 
संयुक्त राष्ट्र मेडल (2004), रेमन मेगसेसे अवार्ड(1994) प्रेसीडेंट्स गैलानरी पुरस्कार (1979) 
बाबा फरीद पुरस्कार (2007), लोक सेवा उत्कृष्ट पुरस्कार (2007),

प्रमुख पद-

  • दिल्ली यातायात पुलिस प्रमुख
  • नारकोटिक्स कंट्रोल ब्युरो
  • डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलीस, मिजोरम
  • इंस्पेक्टर जनरल ऑफ प्रिज़न, तिहाड़
  • स्पेशल सेक्रेटेरी टू लेफ्टीलेन्ट गवरनर, दिल्ली
  • इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलीस, चंडीगढ़
  • जाइंट कमिश्नर ऑफ पुलीस ट्रेनीग
  • स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलीस इंटेलिजेन्स
  • यू.एन. सिविलियन पुलीस एड्वाइजर
  • महानिदेशक, होम गार्ड और नागरिक रक्षा
  • महानिदेशक, पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो