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कलिंग युद्ध में ऐसा क्या हुआ जिस वजह से सम्राट अशोक ने चुन लिया अहिंसा का रास्ता | Kalinga War Story

कलिंग युद्ध में ऐसा क्या हुआ जिस वजह से सम्राट अशोक ने चुन लिया अहिंसा का रास्ता | Kalinga War Story

In : Meri kalam se By storytimes About :-8 months ago
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दोस्तों हम जब भी इतिहास की किताबों के पन्नों में युद्धों के बारे में पढ़ते है तब हमें एक ही कहानी मिलती है की उस राजा ने उस राज्य पर हमला किया और उसके राज्य को अपने अधीन कर लिया क्यों दोस्तों सही कहा ने हमने. लेकिन दोस्तों इतिहास के इन युद्धों की किताब में एक पेज़ ऐसे युद्ध का भी है इस युद्ध ने के बाद कई लोगो के जीवन में एक अलग मोड़ आ गया और इस युद्ध के बाद उन्होंने शांति का मार्ग चुन लिया है

जब युद्ध में दो सेनाओं के बीच जंग छिड़ती है तो एक की हार निश्चित होती है लेकिन दोस्तों इन युद्धों में जो खून की नदिया बहती थी हजारो लोग मरते है एक भयानक सीन होता है इसमें शामिल है कलिंग का युद्ध जिसे इतिहास का सबसे खतरनाक युद्ध माना जाता है जब यह युद्ध समाप्ति पर था तब लाखो सेनिको ने अपना बलिदान दिया था

Kalinga War Story In Hindi

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कलिंग युद्ध के बाद जब सम्राट अशोक ने ये नजारा देखा तो उनको बड़ा आघात पंहुचा इस युद्ध के बाद उनके जीवन में पूरा बदलाव हो गया उन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़ बौद्ध धर्म को अपना लिया और शांति का मार्ग अपना लिया

लेकिन दोस्तों कलिंग युद्ध के दौरान ऐसी क्या बात हुई की दुनिया के महान सम्राट अशोक का हदय परिवर्तन हो गया जिस राजा ने अपने जीवन में कई भयकर युद्ध लड़े और अपने लाखो दुश्मनो को नींद की नींद सुलाया ऐसा तो है नहीं की सम्राट अशोक ने पहले ऐसा नरंसहार नहीं देखा था

तो चलिए दोस्तों आज जानते की आखिर वो कोनसी वजह थी जिस वजह महान सम्राट अशोक का कलिंग युद्ध में हदय परिवर्तन हो गया और इस युद्ध के बाद उनके जीवन में पूरी तरह से बदलाव आ गया

Kalinga War Story In HindiSource cdn.pixabay.com

महान सम्राट अशोक मौर्य साम्राज्य के सम्राट थे सम्राट अशोक राजा बिंदुसार के दूसरे पुत्र और महान चन्द्रगुप्त के पोते थे जिस तरह उनके पिता और दादा थे उसी तरह सम्राट अशोक में भी वीरता और एक कुशल राजा के गुण थे

लेकिन दोस्तों सम्राट अशोक को अपने परिवार के लोगो के बीच सबसे ज्यादा संघर्ष करना पड़ा क्योकि उनके पिता बिंदुसार के कई संताने दी इस वजह से मौर्य साम्राज्य पर सभी हक़ ज़माने की साजिश करने लगे इस वजह से सम्राट अशोक अपने ही भाइयो के साथ गृहयुद्ध करना पड़ा था

इस सिलसिले के बाद उन्होंने मौर्य साम्राज्य की गद्दी हासिल की दोस्तों सम्राट अशोक इतने महान और शूरवीर योद्धा थे की उन्होंने अपना साम्राज्य ईरान और बर्मा तक फैला रखा था सम्राट अशोक ने जिस क्षेत्र में भी अपना आधिपत्य जमाया था उन्होंने उन सभी जगहों पर अशोक स्तंभों की स्थापना की थी

लेकिन जब देश में मुग़ल काल का आधिपत्य शुरू हो गया था तब उनके कई स्तंभों को नष्ट कर दिया गया लेकिन उनके जीवन में उन्होंने कलिंग युद्ध लड़ा तब इस महान सम्राट अशोक का हदय परिवर्तन हो गया

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जब सम्राट अशोक का मौर्य साम्राज्य के लिए राज्याभिषेक हुआ उसके 8 साल बाद कलिंग  का युद्ध लड़ा गया इस युद्ध में  सम्राट अशोक के सामने  मौर्य समाज ने युद्ध के लिए 1 लाख सेनिको को युद्ध मैदान में उतारा 

इतिहास के सबसे भयंकर युद्ध में अंत में सम्राट अशोक की सेना विजय हुई और जब सम्राट अशोक ने इस युद्ध राजा पद्मनाभन धूल चटा कर जब वो कलिंग के किले की और आगे बढ़ रहे थे तब उनके सामने कलिंग की सभी राजकुमारियाँ सम्राट अशोक के सामने तलवारें ले कर खड़ी हो गई इस स्थित को देख सम्राट अशोक ने उनको हिदायत दी की वो उनके रास्ते से हट जाएं

कलिंग की सभी रानियां युद्ध के लिए तैयार थी और वे सम्राट अशोक के साथ युद्ध कर के उन्हें पीछे हटाना चाहती थी लेकिन दोस्तों सम्राट का युद्ध नियम था की वो महिलाओ के साथ युद्ध नहीं लड़ेंगे और उन पर हथियार नहीं उठाएंगे लेकिन कलिंग की महारानियो ने सम्राट अशोक को कहा की इस युद्ध में उनके पति बच्चे सब मारे गए है और अब उनका जीवन जीने का कोई सार नहीं है अब हमारा अंतिम लक्ष्य है युद्ध लड़ना रानियों की यह बात सुन सम्राट अशोक ने अपनी तलवार फेंक दी

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अशोक को मन ही मन अहसास हुआ की आज मैने एक राज्य को पाने के लिए कितने घरों को उजाड़ा है कितने बेकसूर इस युद्ध में उनकी वजह से मारे गए है तब उनका हदय अत्यधिक विचलित हो गया और वो मन ही मन विचारो में डूब गए दोस्तों कलिंग का युद्ध सम्राट अशोक के जीवन का अंतिम युद्ध था इसके बाद उन्होंने अपना रास्ता ही बदल लिया उन्होंने अहिंसा का मार्ग अपनाते हुए बौद्ध धर्म की की शरण में चले गए 

सम्राट अशोक बौद्ध धर्म के प्रचार में लग गए उन्होंने बौद्ध धर्म में शरण लेने के बाद बौद्ध धर्म का बर्मा श्रीलंका अफगानिस्तान, ईरान, तक प्रचार किया लोगो के हित के लिए काम करते हुए उन्होंने कई जगहों पर सड़को का निर्माण और पिने की पानी व्यवस्था की कई तालाबों का निर्माण किया.

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