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काशी विश्वनाथ मंदिर-जानने योग्य बातें एवं दर्शन | Kashi Vishwanath Temple - Things to Know in Hindi

काशी विश्वनाथ मंदिर-जानने योग्य बातें एवं दर्शन | Kashi Vishwanath Temple - Things to Know in Hindi

In : Life Style By storytimes About :-11 months ago
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वाराणसी में स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर जाने योग्य बातें एवं दर्शन | All About Kashi Vishwanath Temple - Things to Know in Hindi 

वरुणा नदी और अस्सी घाट बीच बसा वाराणसी शहर, दुनिया के सबसे प्राचीन शहरों का प्रतिनिधित्व करता है| घाटों और गलियों के लिए मशहूर इस शहर को भगवान् शिव कि नगरी कहा जाता है| मोक्ष दायिनी माँ गंगा कि अविरल बहती धारों के बीच स्थित घाटों का शहर है जहाँ पहुँच कर मनुष्य को आध्यात्मिकता से परिपूर्ण एक ऐसे ज्ञान का दर्शन होता है जिससे "शिव ही सत्य है" कि भावना को बल मिलता है| शिव कि नगरी कहे जाने वाले वाराणसी को संसार भगवान शिव के विश्वनाथ स्वरुप के कारण जनता है| इस नगरी में शिव द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक "काशी विश्वनाथ" ज्योतिर्लिंग का होना पाया गया है| 

Kashi Vishwanath Temple

via : patrika.com

इस मंदिर का इतिहास काफी प्राचीन है कहते हैं हिन्दू मंदिरों के इस प्रतिनिधित्वकर्ता का इतिहास कई हज़ारों वर्ष पुराण है| ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर में दर्शन के बाद मोक्षदायनी माँ गंगा के दर्शन से मनुष्य इस संसार के आवागमन के बंधन से मुक्त हो जाता है अर्थात उसे मोक्ष कि प्राप्ति होती है| समय-समय पर इस मंदिर में दर्शन के लिए आदि गुरु शंकराचार्य, संत एकनाथ, राम कृष्णा परमहंस, स्वंय विवेकानंद और महर्षि दयानन्द, तुलसीदास जैसे धर्म के पालकों ने भी अपनी उपस्तिथि दर्ज कराई| 

Kashi Vishwanath Temple

via : i.ytimg.com

मंदिर का ये वर्तमान स्वरुप अहिल्याबाई होल्कर द्वारा सन 1780 में निर्मित कराया गया बाद में महाराजा रंजीत सिंह द्वारा सन 1853 में 1000 किलोग्राम सोने के दान द्वारा इसके छत्र का स्वर्णीकरण  हुआ| काशी के बारे में कहा जाता है कि प्रलय काल में भी इसका लोप नहीं होता, भगवान शंकर इसे अपने त्रिशूल पर धारण कर लेते हैं और उसके बाद सृष्टि काल में त्रिशूल से नीचे उतार देते हैं| भगवान शिव के इस नगरी में स्थापित काशी विश्वनाथ कि प्रासंगिकता इस बात से और बढ़ जाती है कि इनके दर्शन कर लेने से सम्पूर्ण सांसारिक भयों का नाश हो जाता है 

Kashi Vishwanath Temple

via : smedia2.intoday.in

इसी लिए वर्ष के प्रत्येक दिन और श्रावण मॉस में काशी कि गलियां भोलेनाथ के जयकारों से गूंज उठती हैं और सनातन धर्म के पालक वालों के जलाभिषेक से अपने आपको आशीर्वादित करते हैं| कहते हैं के पृथ्वी के सम्पूर्ण ज्योतिर्लिंगों में से ये एक ऐसा लिंग है जिसे शिव ने स्वयं के प्रकाश से प्रस्तुत किया है इसी लिए मनुष्य इनके दर्शन से परमज्योति को पा लेता है| कहते हैं सभी लिंगो के पूजन से जितना फल मिलता है उतना केवल एक ही बार श्रद्धापूर्वक किये गए बाबा विश्वनाथ के दर्शन से मिलता है| शिवपुराण के अनुसार काशी में देवादिदेव विश्वनथ जी का पूजन अर्चन सर्वपाप नाशक, अभ्युदयकारक, संसाररूपी दावाग्नि से दग्ध, जीवरूपी वृक्ष के लिए अमृत था भौसागर में पड़े प्राणियों के लिए मोक्षदायक है|

Kashi Vishwanath Temple

via : patrika.com

ऐसी मान्यता है कि वाराणसी में मनुष्य के देहावसान पर स्वयं महादेव उसे मुक्तिदायक तारकमन्त्र का उपदेश मृत-आत्मा के कानों में स्वयं करते हैं|

वाराणसी के विश्वनाथ मंदिर के जानने योग्य बातों में सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि

  • ये मंदिर वास्तु कला का अध्भुत नमूना है|
  • विश्वनाथ मंदिर के अंदर अवस्थित भगवन शिव का लिंग काले पत्थर का है|
  • और ऐसी मान्यता है कि मंदिर में लगे सोने के छत्र को देखकर जो भी मुराद मांगी जाती है वो पूर्ण हो जाती है|
  • कहते हैं कि इस धरा पर सूर्य कि पहली किरण भगवन शिव कि इस नगरी काशी पर ही पड़ती है|
  • मुग़ल काल में इस प्रसिद्द विश्व मंदिर का जीर्णोद्यार एक बार स्वयं मुग़ल शासक अकबर द्वारा कार्य प्रकाश में आता है|
  • मंदिर प्रांगण में स्थित कुंड का भी सभी भक्तों में विशेष महत्व है जहाँ वास्तविक शिव के निवासस्थान होने का साक्ष्य मिलता है |

काशी विश्वनाथ मंदिर को तुड़वाकर मुगलशासक औरंजेब मस्जिद बनवाना चाहता था इस बात का साक्ष मंदिर कि एक दिवार पर मुग़ल कालीन नक्काशी के द्वारा मिलता है|