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देशी खेल कुश्ती खेलने के नियम । Kushti Khelne Ke Niyam Kya Hai

देशी खेल कुश्ती खेलने के नियम । Kushti Khelne Ke Niyam Kya Hai

In : Meri kalam se By storytimes About :-1 year ago
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दोस्तों आज हम आपको ले चलते है कुश्ती के अखाड़े में दोस्तों कुश्ती वहीं खेल सकता है जिसकी भुजाओ में बल हों और किसी भी पहलवान को चित करने का दम रखता हों। दोस्तों आपने कुश्ती तो कई बार देखी होगी लेकिन आपने कभी जाना है की इसके नियम क्या है। कुश्ती की शुरुआत साल 1896 में ओलंपिक खेलो में हुई थी। और आज ये खेल पुरे विश्व में फैमस है। चलिये दोस्तों अब आपको कुश्ती के नियमो से अवगत कराते है।

कुश्ती का कुल समय | Wrestling Period Hindi

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दोस्तों समय के अनुसार कुश्ती के खेल की अवधि में बदलाव होता रहा है। पहले ओलंपिक खेलों में कुश्ती के खेल की अवधि 15 मिनट थी. फिर बाद में बदलकर पहले 9 मिनट हुई और फिर 6 मिनट कर दी गई । समय के साथ फिर बदलाव हुआ और इसकी अवधि में फिर बदलाव हुआ और 20 मिनट किया फिर 10 मिनट 9 मिनट 6 मिनट कर दी गई। दोस्तों आज कुश्ती की अवधि 5 मिनट है और 16 साल से कम उम्र के खिलाड़ियों के लिए 4 मिनट है। यदि इस समय अवधि के दौरान पहलवान को विजय घोषित नहीं किया जाता तब  सडेन डैथ का इस्तेमाल कर 3 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाता है।

Kushti Khelne Ke Niyam Kya Hai

अंतर्राष्ट्रीय लेवल के खेलों में कुश्ती का अखाड़ा अष्ट भुजाकार होता है । साथ ही 9 मीटर व्यास का गोलाकार क्षेत्र भी होता है।

कुश्ती के प्रकार । Wrestling Style In Hindi

वर्तमान समय में कुश्ती दो शैलियों में खेली जाती है।

कुश्ती की शुरुआत करने का तरीका | How To Start Wrestling

कुश्ती की शुरुआत करने के लिए सबसे पहले दोनों पहलवान कुश्ती के अखाड़े में आते है फिर दोनों खिलाड़ी एक दूसरे से हाथ मिलाते है। इसी दौरान मैच रेफरी दोनों खिलाड़ियों जांच करते हुए ये देखता है की खिलाड़ी के पास को अनावश्यक वस्तु तो नहीं है। और इसके बाद रेफरी दोनों खिलाड़ियों को अखाड़े के सिरो पर भेज देता है। और कुछ समय बाद रेफरी मैच शुरू करने के लिए बीसल बजा देता है।

कुश्ती का निर्णय करने के नियम । Wrestling Decision

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दोस्तों कुश्ती का 2 तरीको से निर्णय किया जाता है।

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पॉइंट प्राप्त करने की स्थितियां | How to Earn Points

पॉइंट देने की स्थितियां

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खेल नियम विरुद्ध आचरण (फाउल)

 
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ग्रीको-रोमन शैली |

इस शैली ये ऐसा करना बिलकुल मना है.

क्या सावधानी बरतें ( कॉशन )

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दोस्तों ये एक तकनीकी शब्द है.जो कुश्ती की प्रतियोगिता के दौरान प्रयोग किया जाता है। चेतावनी के बाद नियम तोड़ने पर खिलाड़ी को कॉशन दे दिया जाता है। इन परिस्थितियों में कॉशन दिया जाता है।

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कॉशन का संकेत के लिए मैच रेफरी अपनी एक बाजु ऊपर उठा कर दूसरे हाथ से गलती करने वाले पहलवान का हाथ ऊपर उठा देता है। कुल चार कॉशन दिए जाने के बाद पहलवान को मैच में हारा हुआ मान लिया जाता है।

मैच अंको की गणना करना

प्रत्येक मैच में अंक होते है मैच में विजेता और पराजित को इस प्रकार बांटा जाता है।

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मैच में रेफरी के काम व निणर्य

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मैच में निणर्य देने के लिए एक रेफरी होता है। जो कुश्ती के दौरान सबसे पहले निणर्य देता है. रेफरी के फैसले पर जज नजर होती है. यदि जज को रेफरी के निणर्य में कोई चूक या गलती नजर आती है तो जज उसी समय उस निणर्य के खिलाफ बैटन उठा कर संकेत देता है। और कुश्ती के चैयरमेन यानी मैट जो इस खेल का सर्वोचय अधिकारी होता है वो स्कोरशीट देता है। उसके सम्पूर्ण निरीक्षण के बाद अंतिम निर्णय लिया जाता है। 

द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता | Kushti Ke Dronacharya Prize Winners List

Kushti Khelne Ke Niyam Kya Hai

कुश्ती में अर्जुन पुरस्कार विजेता | Kushti Ke Arjuna Prize Winners List

  1.   हवलदार उदयचंद        1961
  2.    मालवा        1962
  3.    जी. अंदालकर        1962
  4.    विशंबर सिंह        1964
  5.    भीम सिंह        1966
  6.    मुख्तियार सिंह        1967
  7.    मास्टर चंदगीराम        1969
  8.    सुदेश कुमार        1970
  9.    प्रेमनाथ        1972
  10.    जगरूप सिंह        1973
  11.    सतपाल        1974
  12.    राजिंदर सिंह        1978
  13.    जगमिंदर सिंह        1980
  14.    करतार सिंह        1982
  15.    महावीर सिंह        1985
  16.    सुभाष        1987
  17.    राजेश कुमार        1988
  18.    सत्यवान        1989
  19.    ओमबीर सिंह        1990
  20.    पप्पू यादव        1992
  21.    अशोक कुमार        1993
  22.    जगदीश सिंह        1997
  23.    संजय कुमार        1997
  24.    काका पावर        1998
  25.    रोहताश सिंह दहिया        1998
  26.    खाशबा जाधव        1999
  27.    रणधीर सिंह        2000
  28.    कृपाशंकर पटेल        2000
  29.    पी. एस. चीमा        2002
  30.    सुजीत मान        2002
  31.    शोकिदंर तोमर        2003
  32.    अनुज कुमार        2004
  33.    रमेश कुमार        2005
  34.    सुशील कुमार        2005
  35.    गीतिका जाखड़        2006
  36.    सुशील कुमार        2006
  37.    अल्का तोमर        2008
  38.    योगेश्वर दत्त        2009
  39.    राजीव तोमर        2010
  40.    रविन्द्र सिंह        2011
  41.    नरसिंह यादव        2012
  42.    रजिन्द्र कुमार        2012
  43.    गीता फोगट        2012
  44.    नेहा राठी        2013
  45.    धमेन्द्र दलाल        2013
  46.    सुनील कुमार राणा        2014
  47.    वजरंग पुनिया        2015
  48.    बबीता कुमारी        2015