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महात्मा गांधी जयंती पर कविता | Mahatma Gandhi Jayanti Poem 2025

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02 अक्टूबर महात्मा गाँधी जयंती | Mahatma Gandhi Jayanti Poem In Hindi
देश को अहिंसा के रास्ते चलाने वाले महात्मा गाँधी की जयंती 2 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय लेवल पर अहिंसा दिवस के रूप में मनाई जायेगी । महात्मा गाँधी अपनी पूरी जिंदगी राष्ट्र को अहिंसा के पथ पर चलाने के लिए आगे खड़े रहे इस कारण 2 अक्टूबर को अहिंसा दिवस के रूप मनाया जायेगा । इस लिए आज हम आपके लिए लेकर आये है गाँधी जी कविताएं जो आपको जरूर पसंद आएगी
#1. गांधी जी पर लिखी कविताएं | Best Poem on Gandhiji
"धोती वाले बाबा की
यह ऐसी एक लडा़ई थी
न गोले बरसाये उसने
न बन्दूक चलायी थी
सत्य अहि़सा के बल पर ही
दुश्मन को धूल चटाई थी
मन की ताकत से ही उसने
रोका हर तूफान को
हम श्रद्धा से याद करेगें
गाँधी के बलिदान को"
#2. गाँधी जयंती कविता । Gandhi Jayanti Poem Hindi
"एक थे लाल और एक थे बापू ,
कहाँ हैं अब ऐसे लाल और बापू ,
दोनों ने जीवन ,सर्वस्व किया ,नौछावर ,
अपनी इस जननी की खातिर ,
आओ मिलकर दिया जलाएं ,
जन्मदिन उनका मनाएँ ,
सुख ,समृधि का जो देखा उन्होंने सपना ,
उसको पूरा करने का क्योँ न ले प्रण अपना |
प्यारे बापू प्यारे शास्त्री जी ,
धन्यभाग हमारे ,
जो हम इस धरती पर आए ,
जहां ऐसे कर्णधार हमने हैं पाये |
अपने कर्मठ अमर सपूतों को ,
उनके पसीने की एक एक बूंदों को
क्योँ न याद करे हम दोनों को ,
भावबिह्वलहोकर दोनों को
इस धरा के अमर सपूतों को ,
एक ने बोला जय जवान -जय किसान ,
दूसरे बोले रघुपति राघव राजा राम
दोनों की थी एक ही बोली ,
देश हमारा खेले होली(रंगों की),
क्योँ न बोलें हम ये आज ,
भारत ,बन जाए हम सबकी शान"
#3. महात्मा गाँधी पर कविता | Poem on Mahatma Gandhi Hindi
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"ली सच की लाठी उसने
तन पर भक्ति का चोला
सबक अहि़सा का सिखलाया
वाणी में अमृत उसने घोला
बापू के इस रंग में रंग कर
देश का बच्चा- बच्चा बोला
कर देगें भारत माँ पर अर्पण
हम अपनी जान को
हम श्रद्घा से याद करेगें
गाँधी के बलिदान को
चरखे के ताने बाने से उसने
भारत का इतिहास रचा
हिन्दू,मुस्लिम,सिख,ईसाई
सबमें इक विश्वास रचा
सहम गया विदेशी फिरंगी
लड़ने का अभ्यास रचा
मान गया अंग्रेजी शासक
बापू की पहचान को
हम श्रद्धा से याद करेगें
गाँधी के बलिदान को"
#4.देश भक्ति कविता गांधी जयंती | Desh Bhakti Kavita Gandhi Jayanti
जिस बापू ने सारे जग में
हिन्दुस्तान का नाम किया
उस पर ही इक घात लगाकर
अनहोनी ने काम किया
बापू ने बस राम कहा और
चिर निद्र में विश्राम किया
यह संसार नमन करता है
आजादी की शान को
हम श्रद्धा से याद करेगें
गाँधी के बलिदान को.
#5. 02 अक्टूबर गांधी जयंती कविता | 02 October Gandhi Jayanti Poem In Hindi
"बापू महान, बापू महान!
ओ परम तपस्वी परम वीर
ओ सुकृति शिरोमणि, ओ सुधीर
कुर्बान हुए तुम, सुलभ हुआ
सारी दुनिया को ज्ञान
बापू महान, बापू महान!!
बापू महान, बापू महान
हे सत्य-अहिंसा के प्रतीक
हे प्रश्नों के उत्तर सटीक
हे युगनिर्माता, युगाधार
आतंकित तुमसे पाप-पुंज
आलोकित तुमसे जग जहान!
बापू महान, बापू महान!!
दो चरणोंवाले कोटि चरण
दो हाथोंवाले कोटि हाथ
तुम युग-निर्माता, युगाधार
रच गए कई युग एक साथ ।
तुम ग्रामात्मा, तुम ग्राम प्राण
तुम ग्राम हृदय, तुम ग्राम दृष्टि
तुम कठिन साधना के प्रतीक
तुमसे दीपित है सकल सृष्टि ।"
महात्मा गांधी जयंती पर कविता | Mahatma Gandhi Jayanti Poem 2025




