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युवाओं में मची होड़ सलमान और टाइगर श्रॉफ के जैसे सिक्स पैक एब्स बनाने की लेकिन...

युवाओं में मची होड़ सलमान और टाइगर श्रॉफ के जैसे सिक्स पैक एब्स बनाने की लेकिन...

In : HEALTH AND FITNESS By storytimes About :-1 year ago
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Making of six pack abs Health News

युवाओं में सलमान खान, ऋतिक रौशन और टाइगर श्रॉफ जैसी बॉडी पाने की होड़ बढ़ रही है और इस होड़ में आज के युवा जिम में या अपने घर पर 'सिक्स पैक एब्स' पाने के लिए खास तरह की एक्सरसाइज करते हैं और हाईप्रोटीन डाइट लेते हैं। कई बार जिम इंस्ट्रक्टर शरीर के कुछ हिस्सों में मांसपेशियों में उभार लाने के लिए हाईप्रोटीन डाइट, स्टेरॉयड एवं हार्मोन के इंजेक्शन (Injection) लेने की सलाह देते हैं, लेकिन इन सबके मिलेजुले दुष्प्रभाव के कारण कई युवा किडनी फेल्योर (गुर्दा काम न करना) के शिकार बन रहे हैं।

सिक्स पैक्स बनाने में युवा कर रहे है किडनी खराब

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मरीजों से प्राप्त जानकारियों के विश्लेषण एवं परीक्षणों से पता चला है कि उनकी किडनी फेल्योर का कारण सिक्स पैक्स बनाने के लिए जिम में कराई जाने वाली खास तरह की एक्सरसाइज एवं स्टेरॉयड एवं हार्मोन के इंजेक्शनों का प्रयोग है। नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया, ऐसे युवाओं की संख्या बहुत अधिक है, जो सलमान खान और ऋतिक रौशन जैसे बालीवुड (Bollywood) अभिनेताओं की तरह का शरीर पाने के लिए जिम में जाकर घंटों तक खास तरह की एक्सरसाइज करते हैं तथा स्टेरॉयड एवं हार्मोन के इंजेक्शनों का सहारा लेते हैं और अपनी किडनी खराब कर बैठते हैं।

जिम का ट्रेनर देता है इंजेक्शन की सलाह

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उन्होंने कहा, आज के युवाओं के मन में एक्सरसाइज को लेकर कई तहर की भ्रांतियां (Misconceptions) बन गई हैं। वे अपने शरीर को स्वस्थ एवं चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए एक्सरसाइज नहीं करते, बल्कि अपने शरीर को बॉलीवुड या हॉलीवुड के हीरो की तरह के सिक्स पैक लुक पाने के लिए एक्सरसाइज करते हैं। जिम का ट्रेनर भी शरीर के शिल्पकार की तरह इन युवाओं के शरीर में बदलाव लाने के लिए खास तरह के एक्सरसाइज (excercise) डिजाइन करता है। खास डायट प्लान बताता है। कई युवा आगे बढ़कर स्टेरॉयड एवं हार्मोन के इंजेक्शन लेने लगते हैं और इन सब का मिलाजुला दुष्प्रभाव यह होता है कि उनकी किडनी खराब हो जाती है।

एक्सरसाइज एवं योग शरीर एवं स्वास्थ्य के लिए अच्छा है

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डॉ. जितेंद्र ने कहा, एक्सरसाइज एवं योग (Yoga) शरीर एवं स्वास्थ्य के लिए अच्छा है, लेकिन इसे विकृत (Perverted) करके नहीं करना चाहिए। इसके अलावा लोगों को शारीरिक काम काज करना चाहिए, जितना हो सके पैदल (pedestrian) चलना चाहिए। आज के समय में लोग सब्जी खरीदने भी कार से जाते हैं, लेकिन बाद में ट्रेडमिल पर पसीने बहाते नजर आते हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के शरीर की बनावट (structure) अलग होती है। बेहतर है कि किसी दूसरे के शरीर जैसा अपना शरीर बनाने के बजाय अपने शरीर को स्वस्थ्य रखने के लिए हमें समुचित ((proper)) व्यायाम, योग, पैदल चलने और समुचित आहार जैसे उपायों को अपनाना चाहिए।