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' लापता 54 ' सैनिकों का अनसुलझा राज? क्या वो पाक की कैद में है | Missing 54 Soldiers Story in Hindi

By N.j / About :-6 years ago

भारत देश की आजादी 1947 के बाद यह दो भागों में विभाजित हुआ। दुसरा भाग बना पाकिस्तान। भारत से विभाजित होकर बने पाकिस्तान की गलत नियत के चलते दोनो देशों के बीच कई बार जंग हुई। इन जंग में साल 1965, 1971 व 1999 में हुआ कारगिल युद्ध। इन युद्धो में नुकसान हुआ तो पाकिस्तान का । हर बार जंग में पाकिस्तान की सेना को उल्टे पांव भागना पड़ा। हम जीते और पाकिस्तान को उसकी हरकतों का कड़ा जबाब भी दिया मगर इन युद्धो के दौरान हमने हमारे कई सैनिकों को भी गंवाया।

पाकिस्तान के साथ हुई हर जंग में हम जीते मगर इन जंगों के साथ “ लापता - 54 ” एक तमका लगा हुआ है। आपके मन में सवाल होगा आखिर यह “ लापता-54” क्या है ? तो बता दे की भारत-पाक के बीच हुई जंगो में हमारे 54 सैनिक लापता हो गए। जिनके बारे में आज कोई खबर नही है आखिर यह 54 सैनिक गए कहां।

साल 1947 में भारत से विभाजित होकर बने पाकिस्तान की नजर हमेशा कश्मीर के विवादित हिस्सें पर रही। इसके चलते भारत पाकिस्तान के बीच 3 बार जंग छिड़ी। पहली वार की शुरुआत तो 1947-48 में ही हो गई थी। फिर इसके बाद कश्मीर के ही मुद्दे को लेकर 1965  युद्ध हुआ। 1971 में पाक के पश्चिमी भाग को अलग कर बांग्लादेश के निमार्ण में चले 13 दिन के युद्ध में पाक को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा था।

पाकिस्तान के साथ लड़ी इन 3 वार में हमारे 54 सैनिक लापता हो गए। क्या वो पाकिस्तान की जेलों में कैद कर दिए गए है ?  भारत के द्वारा लड़े गए इन युद्धो का आज कई साल बीत गए है मगर आज भी इस बात पता नही है कि हमारे कितने सैनिक लापता हुए थें और लापता हुए सैनिक कहां और किस हाल में हैं ? 

देश के लापता इन सैनिको के बारें साल 2019 जुलाई भारत सरकार संसद को एक खबर दी। भारतीय सरकार ने संसद में इस बात का दावा किया की देश के करीब 83 सैनिक पाक सेना के कब्जे में है, साथ ही बताया की इस 83 में सैनिको में 54 लापता सैनिक भी शामिल है। इस लिस्ट में इन सैनिको के अलावा वो सैनिक भी शामिल है जो या तो गलती से पाक सीमा में पहुंच गए या फिर पाकिस्तान ने उन पर जासूसी का आरोप लगा कर गिरफ्तार कर लिया। देश में इन सैनिको लेकर किए अलग-अलग दावों के विपरीत पाकिस्तान सरकार का कहना है उनकी कैद में भारत देश कोई “ युद्धबंदी सैनिक ” नही है।

महिला पत्रकार चंदर सुता डोगरा ने की रिसर्च

देश के 54 लापता जवान कहां है और किस हालात में है इस बारे में जानकारी जुटाने के लिए वरिष्ट महिला पत्रकार चंदर सुता डोगरा ने अभियान शुरु किया। अपने इस अभियान के तहत डोगरा ने सैना के रिटायर्ड अफसरों के साथ उन सैंनिको के परिवार वालो से भी मुलाकात की। सैनिकों से जुड़ी हर जानकारी पेपर कटिंग , खत, व उनकी फोटो संग्रहित की।  सैनिकों से जुड़ी और जानकारी के लिए वो भारत के विदेश मंत्रालय भी गई जहां उन्होंने सैनिको के दस्तावेज देखे। जो आज पूरी तरह से गोपनीय है।

इन “ लापता-54 ” सैनिको पर कई सालों की मेहनत के बाद चंदर सुता डोगरा ने एक किताब लिखी जिसे नाम दिया “ Missing In Action: The Prisoners Who Never Came Back  ” इस किताब में भी उनका यह सवाल जारी रहा की आखिर यह सैनिक कहां है और किस हाल में है ?

पत्रकार चंदन सुता डोगरा की इस किताब के बाद देश में “ लापता-54 ” सैनिकों को लेकर अलग-अलग सवाल बनने शुरु हो गए। क्या यह सभी युद्ध में लड़ते-लड़ते शहीद हो गए ? भारत के पास इस बात का कोई सबूत है क्या कि हमारे सैनिक पाकिस्तान की कैद में है ? क्या पाकिस्तान की कोई साजिश है इन सैनिको को लेकर, ताकी समय आने पर भारत कोई दबाब बनाया जा सकें ?

देश में इन सैनिकों को लेकर पहली बार साल 1990 में देश की निचली अदालत में इसके लिए एक याचिका दायर की गई। कोर्ट ने यह याजिका जब सरकार को भेजी तब सरकार का जबाब था कि देश लापता इन 54 जवानों में 15 सैनिक मारे जा चुके है। अगर भारत सरकार के इन सैनिकों को लेकर यह दावा है तो आज भी सरकार 54 सैनिको के लापता होने दावा क्यों करती है ?

सरकार के इन सभी दावों पर पत्रकार चंदन सुता डोगरा का दावा है की जब सरकार के अनुसार 54 में से कुछ सेनिक मारे जा चुके है तो फिर वो आज तक “ लापता-54 ” की सुची में क्यो सम्मलित है। सैनिको को लेकर सरकार की क्या मशा है आखिर “ लापता-54 ” की सच्चाई क्या है?

इन सब दावों व अलसुलझे सवालो के बीच इन सैनिको के परिवार के सदस्य भी पाकिस्तान की जेलों का दौरा कर चुके है। लेकिन इस दौरान भी उन्हें कुछ हासिल नही हुआ।

' लापता 54 ' सैनिकों का अनसुलझा राज? क्या वो पाक की कैद में है | Missing 54 Soldiers Story in Hindi