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यहां रखना पड़ पर रहा है मुस्लिम समुदाय को 22 घंटे रोजा इसके पीछे है ये बड़ा कारण...

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Iceland News for Ramadan Time
रमजान के महीने में दुनियाभर में मुस्लिम(Muslims) रोजा कर रहे हैं। इसमें वो पूरा दिन बिना कुछ खाए और बिना पानी पीये गुजारते हैं। आमतौर पर सभी देशों में दिन-रात के वक्त में थोड़ा बहुत फर्क होने के चलते रोजे का वक्त कम या ज्यादा होता है। पर आर्कटिक सर्कल के पास मौजूद दुनिया की नॉर्दर्न कंट्रीज में तो ये फर्क बहुत ही ज्यादा है। आइसलैंड(Iceland) में लोगों को तकरीबन 22 घंटे का रोजा रखना पड़ रहा है, क्योंकि यहां सिर्फ दो घंटे के लिए ही सूरज ढल रहा है। हालांकि, इन्हें कुछ दूसरे विकल्प भी दिए गए हैं।
आइसलैंड में आधी रात को सूरज ढलता है-
आइसलैंड में अभी आधी रात(Midnight) को सूरज ढलता है और महज दो घंटे बाद सूरज वापस निकाल आता है। यहां कुल मिलाकर इस वक्त 22 घंटे तक दिन रहता है।
ऐसे में इस साल यहां की मुस्लिम कम्युनिटी को करीब 21 घंटे 51 मिनट तक रोजा रखना पड़ रहा है। रमजान की आखिरी रात यानी 14 जून को यहां सूरज 11.57 मिनट पर डूबेगा।
हालांकि, आर्कटिक(Arctic) सर्कल पर बसे देशों के रोजदारों को इस्लामिक स्कॉलर्स और ऑर्गेनाजेशन की ओर से कुछ अलग विकल्प दिए गए हैं। ताकि उनकी परेशानी कम हो सके।
विकल्प के तौर पर रोजा इफ्तारी के लिए लोग आस-पास के देशों के वक्त को भी फॉलो कर सकते हैं। या फिर सऊदी अरब का टाइम टेबल फॉलो कर सकते हैं। ऐसा न करने पर उन्हें अपना लोकल टाइम ही फॉलो(Follow) करना होगा। इस वजह से काफी परेशानी(Trouble) का सामना करना पड़ रहा है
22 घंटे रख रहे है रोजा -
देश की राजधानी में मौजूद दो मस्जिदें रोजा के लिए लोकल टाइम को फॉलो कर रही हैं और यहां लोग 22 घंटे तक रोज रख रहे हैं। जबकि बाकी मस्जिदें और ऑर्गेनाइजेशन(Organization) ने यूरोपियन देशों का टाइम फॉलो कर रखा है।आइसलैंड इस्लामिक फाउंडेशन के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर करीम अस्करी ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि हम कौन का टाइम टेबल फॉलो कर रहे हैं। यकीनन हम लोकल टाइम के हिसाब से ही रोजा कर रहे हैं।
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आधी रात को खोलना पड़ रहा है रोजा-
अस्करी ने बताया कि रेजाविक में एक मस्जिद फ्रांस का टाइम टेबल फॉलो कर रही है। यहां जिसे जो फॉलो करने का मन है, वो वहां का टाइम-टेबल फॉलो कर रहा है।
अस्करी के मुताबिक, कुछ लोगों ये मंजूर नहीं होता कि सूरज डूबने से पहले खाया जाए। ऐसे में वो आधीरात को अपना रोज खोलते हैं, क्योंकि उन्हें अपनी होम कंट्री में ऐसा ही करने की आदत पड़ी होती है। बता दें, आइसलैंड की राजधानी रेजाविक में करीब 2500 मुस्लिम पॉपुलेशन रहती है। ये रमजान के दिनों में अपने हिसाब से अपना टाइमटेबल फॉलो करती है।
यहां रखना पड़ पर रहा है मुस्लिम समुदाय को 22 घंटे रोजा इसके पीछे है ये बड़ा कारण...




