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क्या है भानगढ़ किले का रहस्य? | Bhangarh Kile Ka Rahasy in Hindi

क्या है भानगढ़ किले का रहस्य? | Bhangarh Kile Ka Rahasy in Hindi

In : Meri kalam se By storytimes About :-1 year ago
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भानगढ़ किले का रहस्य | Mystery of Bhangarh Fort

भानगढ़ का किला भारत में सबसे प्रेतवाधित जगह के रूप में जाना जाता है, और शायद सबसे बड़ा अनसुलझा रहस्य है। आजतक कोई भी भानगढ़ के इस सुनसान शहर में होने वाली भुतहा गतिविधियों का कोई पुख्ता प्रमाण(Proof) नहीं दे पाया है। लेकिन भानगढ़ किले के हॉन्टेड होने की कई कहानिया है जो सदियों से वह के आम लोग सुनते और सुनाते आ रहे है।

Bhangarh Kile Ka Rahasy in Hindi 

Mystery of Bhangarh Fort via :  oneindia.com


बहुत से लोग यहाँ सिर्फ अपने जिज्ञासा को शांत करने के लिए यहां आते है ll लेकिन उन्हें कहानियों(story) के अलावा शायद ही कुछ मिलता हो। जबकि दूसरों के पास भानगढ़ किले की कहानी के साथ जुड़े रहस्य पर्याप्त नहीं हो सकते। यदि आप उन जिज्ञासु यात्रियों में से एक हैं, तो आपके लिए इस जगह पर जाना जरुरी है।  Bhangarh Kile Ka Rahasy

Mystery of Bhangarh Fort via : nativeplanet.com

ज्यादातर लोगों का मानना है कि भानगढ़ का किला(kila) भुतहा है और कहानियों(story) की भी कोई कमी नहीं है जो इस रहस्य को बढ़ाने में मदद करती है। सूर्यास्त के बाद यहां जाना किसी बहादुरी से कम नहीं है। क्योंकि इसे साधारण गतिविधि का केंद्र माना जाता है और भारतीय पुरालेख सर्वेक्षण ने भी रात के समय भांगगढ़ किले में जाने के लिए मना किया है। इसके लिए एक पब्लिक(public) सूचना बोर्ड भी लगा हुआ है।

Mystery of Bhangarh Fort via : blogspot.com

भानगढ़ किले से जुडी कई कहानियों प्रचलित हैll  जिसमे सबसे ज्यादा स्थनीय लोगो द्वारा बताई जाने वाली कहानी(story) में राजा माधो सिंह की है। कहा जाता है की राजा माधो सिंह ने इस शहर का निर्माण यहां पर तपस्या करने वाले गुरु बुलु नाथ से आदेश लेकर किया था। लेकिन गुरु बुलु नाथ ने इस शर्त पर शहर बनाने की इजाजत दी थी की महल की छाया उन पर नहीं पड़नी चाहिए। अगर ऐसा हुआ, तो शहर खंडहरों में बदल जाएगा। भानगढ़ के किले का निर्माण पूरा हुआ। लेकिन दुर्भाग्य से, गुरु बुलु नाथ पर महल की छाया पड़ गई जिससे गुरु बुले क्रोधित हो गए और उनके श्राप से भानगढ़ खंडहरों में बदल गया। दिलचस्प बात यह भी है कि गुरु बलू नाथ की कब्र भी खंडहरों में से मिल सकती है।  Bhangarh Kile Ka Rahasy

पौराणिक कथा:

Mystery of Bhangarh Fort via : vigyanam.com

कहा जाता है कि भानगढ़ कि राजकुमारी रत्नावती बहुत ही सुन्दर थी। उस समय उनकी सुंदरता की चर्चा समूचे राज्य में थी। भारत के कोने कोने के राजा और राजकुमार उनसे शादी करने के अभिलाषी थे ll उस वक्त राजकुमारी रत्नावती की उम्र सिर्फ 18 साल(year) ही थी और उनका तस्र्ण अवस्था उनके रूप में और निखार ला चुका था। कई राज्योi से उस समय उनके लिए शादी के प्रस्ताव आने लगे थे। एक बार राजकुमारी किले से अपनी दसियों के साथ बाजार भ्रमण में निकली थीं।  Bhangarh Kile Ka Rahasy

राजकुमारी रत्नावती

Mystery of Bhangarh Fort via : www.news1india.in

राजकुमारी रत्नावती एक इत्र की दुकान गई और इत्रों को हाथों(hand) में लेकर उसकी महक का जायजा ले रही थी। तभी उस दुकान समीप सिंधु सेवड़ा नाम का आदमी खड़ा होकर उन्हें निहार रहा था। सिंधु सेवड़ा उसी राज्य का निवासी था और उसने काले जादू(black magic) में महारथ कर ली थी। कहा जाता है कि सिंधु सेवड़ा राजकुमारी के यौवन का दिवाना हो गया और पागलो की तरह मन ही मन राजकुमारी से प्रेम(love) करने लगा था। वो हर हालत में राजकुमारी को पाना चाहता था।

शीशी पर काला जादू

Mystery of Bhangarh Fort via : ziareromania.ro

इसलिए उसने उस दुकान के एक इत्र की शीशी जिसे राजकुमारी रत्नावती ने पसंद किया था उस शीशी पर काला जादू कर दिया। ताकि राजकुमारी उसके वशीभूत हो जाए लेकिन इस बात का पता राजकुमारी को लग गया। राजकुमारी रत्नाकवती ने उस इत्र की शीशी को उठाया, और वही पास के एक बड़े पत्थर पर जोर से पटक दिया। जिससे वो शीशी टूट गयी और सारा इत्र उस पत्‍थर पर फ़ैल गया। कहते है की काले जादू के असर के कारण वह पत्थर तांत्रिक सिंधु सेवड़ा के पीछे चल पड़ा और तांत्रिक को कुचल दिया, जिससे कारण तांत्रिक की मौत हो गयी। Bhangarh Kile Ka Itihas

तांत्रिक का  श्राप

Mystery of Bhangarh Fort via : ytimg.com

लेकिन मरने से पहले तांत्रिक ने श्राप दिया कि इस नगर में रहने वालें सभी लोग(people) शीघ्र ही मर जायेंगे और वो पुनर्जन्म नहीं ले पाएंगे और हमेशा उनकी आत्मांएं इस किले में भटकती रहेंगी। कहा जाता है की तांत्रिक के मृत्यु के कुछ समय के बाद ही भानगढ़ और अजबगढ़ के बीच लड़ाई हुई। उस युद्ध में सभी लोग मारे गये। साथ ही राजकुमारी रत्नाचवती भी उस श्राप से नहीं बच पाई और उनकी भी मृत्यु(death) हो गयी। लोगआज का मानना है की भानगढ़ के किले में उनकी रू‍हें आज भी घुमती हैं। Bhangarh Kile Ka Rahasy

भानगढ़ और आस-पास के स्थानों तक कैसे पहुंचें 

रेल द्वारा:

Mystery of Bhangarh Fort via : wordpress.com

Bhangarh Kile Ka Rahasy |  वैकल्पिक रूप से, आप शताब्दी एक्सप्रेस को नई दिल्ली से अलवर के लिए ले सकते हैं और फिर भानगढ़ के किले तक आपको टैक्सी करनी पड़ेगी। ट्रेन की बुकिंग पहले से ही कर ले। याद रखें कि भानगढ़ में कोई होटल(hotel) या रेस्तरां नहीं हैं और इसलिए आपको आवास विकल्प के लिए काफी कुछ करना होगा। यात्रा के लिए कुछ भोजन पैक करना अच्छा रहेगा, हालांकि रास्ते में कुछ ढाबे ढूंढना मुश्किल नहीं है। Bhangarh Kile Ka Rahasy

सड़क से:

Mystery of Bhangarh Fort via : ytimg.com

Bhangarh Kile Ka Rahasy | भानगढ़  किला, भानगढ़ का किला के रूप में जाना जाता है, दिल्ली से लगभग 300 किलोमीटर दूर है, और सबसे अच्छा रहता है की आप सुबह जल्दी ही निकले । ताकि आप सूर्यास्त से पहले ड्राइव(drive) करके पहुंच जाए। कुछ रस्ते थोड़े उबड़ खाबड़ है। सबसे बढ़िया तो आप किसी कार को किराये पर ले ले जो आपको इसके आसपास के जगहों जैसे(etc) सारिसका / जयपुर / अलवर / नीमराना भी ले जा सकती है। किराया आपके द्वारा किये वाहन पर निर्भर करता है फिर भी लमसम , पूरे यात्रा के लिए आपको 10,000 से 15,000 रुपये के बीच खर्च करने पद सकते है। Bhangarh Kile Ka Itihas

भानगढ़ किले का समय 

भानगढ़ किला सुबह 6 am से 6 pm और 11.15 pm से 3.30 am बजे तक खुला रहता है।
भानगढ़ किले घूमने का सबसे अच्छा समय:

यहाँ घूमने का सबसे अच्छा समय(time) अक्टूबर से फरवरी तक होता है जब मौसम सुहावना होता हll