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12वीं कक्षा में लगा ग्रेस फिर भी आईआईटी-जेईई परीक्षा की क्रैक | Rajiv Dantodiya Story In Hindi

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अक्सर अपनी एक बार की असफलता से हम जीवन को हताश हो कर जीने लगते है सोचते है की अब क्या होगा लेकिन उन लोगो को लिए प्रेरणा बनें है राजस्थान के राजीव दांतोड़िया, राजीव वो शख्सियत है जो अपनी 12वीं कक्षा की मार्कशिट में केवल 39 प्रतिशत अंक ही ला पाए थें। लेकिन अपनी इस असफलता के बाद राजीव ने विचार करने से बेहतर मेहनत करने की ठानी उनकी लगन ही का ही फल था की वो आईआईटी-जेईई में क्रैक कर गए। राजीव आज स्वीडन में Tetra Pak नामक एक कंपनी में बतौर सीनियर एनालिटक्स रियायबिलिटी इंजीनियर के रुप में कार्य कर रहें है। इसलिए सही कहा गया है कि - कामयाबी के पीछे मत भागो, काबिल बनो, कामयाबी खुद झक मार के तुम्हारे कदमो आएगी।
कभी नही सोचा यह मुकाम हासिल होगा
राजीव से जुड़ी “ द बेटर इंडिया ” की रिपोर्ट के अनुसार राजीव राजस्थान के धौलपुर जिले के रहने वाले है। राजीव का जन्म एक सामान्य परिवार में हुआ था। राजीव की शुरुआती शिक्षा धौलपुर के ही सामोद से हुई थी। अपनी इस कामयाबी के बारें में राजीव कहते है की मैने कभी सोचा भी नही था की मुझे जीवन में यह मुकाम भी हासिल होगा। राजीव ने आगे बताया की मेरा जन्म उस दौर में हुआ जब हम अपनी वार्षिक परीक्षा का इंतजार इसलिए करते थें की ताकि परीक्षा पुरी होने के बाद हम अपनी किताबें कबाड़ी वाले को बेच कर उनसे क्रिकेट खेलने के लिए बॉल खरीद सकें। स्कूल के दिनो से हम पढ़ाई को लेकर इतना गंभीर नही थें।
ग्रेस अकों के साथ 12वीं कक्षा पास
राजीव ने बताया की 12 वीं कक्षा में वो असफल होने से ज्याद दूर नही थे लेकिन कैमेस्ट्री विषय में ग्रेस के अकों के सहारे साल 1995 में महज 39 प्रतिशत अंको के साथ 12 वीं कक्षा पास की थी। 12 वीं कक्षा में इतने कम अकों के कारण उनके सामने कोई विकल्प नजर नही आ रहा था ग्रेजुएशन के लिए अप्लाई किया लेकिन वहां भी वो कम अकों के चलते उन्हें नही चुना गया। एक बार जब उनका भाई आईआईटी के एग्जाम की परीक्षा के आवेदन कर रहा था तब राजीव ने भी इस परीक्षा में शामिल होने का फैसला लिया। गांव में सरकारी माध्यम से पढ़ाई करने के कारण राजीव की अंग्रेज़ी कमजोर थी। राजीव के लिए यह फैसला उस तरह था की बिना तैरना आते हुए भी पानी में कूद जाना।
बढ़ी पढ़ने की उत्सुकता
आईआईटी के एग्जाम के लिए आवेदन करने के बाद राजीव ने आईआईटी की तैयारी के लिए कोंचिग संस्थान जॉइन करने के बारे में सोचा जब राजीव कोचिंग सेंटर गए तब उनकी 12 वीं की मार्कशीट देखकर सेंटर ने मना कर दिया की आप कम मार्क की वजह से यह एग्जाम नही दे सकते। राजीव ने निराश न होते हुए खुद ही इसकी तैयारी करने की ठानी राजीव ने बुक्स खरीदी जिनके हिन्दी टू इंग्लिस की बुक्स भी शामिल थी। राजीव ने यह सभी बुक्स सेलर के बताए अनुसार खरीदी। अब राजीव घर पर ही इन बुक्स को पढ़ने लगे समय के साथ अब पहले से ज्यादा पढ़ने में मन लगने लगा था।
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की आईआईटी की परीक्षा क्रैक
12 वीं कक्षा में ग्रेस के अकों से पास होने वाले राजीव ने साल 2000 में आईआईटी क्रैक कर लिया बाद में आईआईटी के सबसे बड़े संस्थान आईआईटी खड़गपुर से इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग एवं मैनेमेंट की 5 वर्ष की दो डिग्रीयां प्राप्त की। आगे राजीव अपनी पीएचडी की शिक्षा प्राप्त करने के लिए स्वीडन के लुलेआ शहर में चले गए।
12वीं कक्षा में लगा ग्रेस फिर भी आईआईटी-जेईई परीक्षा की क्रैक | Rajiv Dantodiya Story In Hindi




