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अनोखा स्कूल - पढ़ने वाला हर स्टूडेंट लिखता है दोनों हाथो से | Veena Vadini School Story In Hindi

By N.j / About :-7 years ago

दोस्तो हमारे बीच लगभग 90 प्रतिशत ऐसे लोग रहते है जो अपने किसी भी कार्य को पुरा करने में दाहिने हाथ का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते है । ऐसे 10 प्रतिशत ही लोग होते है जो लिखते समय या कोई कार्य करने के लिए बायें हाथ को प्रयोग में लेते है। लेकिन दोस्तो आज हम आपको भारत देश के उन प्रतिभाशाली लोगो के बारे में बताने वाले है जिनका हुनर सबसे अलग है यह वो प्रतिभाशाली लोग है जो दोनो हाथों से लिख सकते है। इटली के लियोनार्डो दा विंची, अमेरिका के बेन फ्रैंकलिन, जर्मनी के अल्बर्ट आइंटीन व भारत देश के पहले राष्ट्रपती रहेडॉ. राजेंद्र प्रसाद ये ऐसे लोग थे जिन्हें दोनो हाथो से लिखने का हुनर था। लेकिन दोस्तो आपको बता दे की आज हमारे देश में एक ऐसा स्कूल है जहां पढ़ने वाले हर बच्चें में दोनो हाथों से लिखने की काबिलियत है। तो चलिए दोस्तो देश में एक अलग ही हुनर के साथ चल रही इस स्कूल व बच्चो के हुनर के बारे में जानते है।

1999 में स्थापित हुआ था यह स्कूल

यह अनोखा स्कूल मध्य प्रदेश के सिंगरौली में बसे एक छोटे से गांव बुधेला में स्थित है। इस स्कूल की स्थापना भारतीय सेना के पूर्व सैनिक वीपी शर्मा ने साल 1999 में की और स्कूल को नाम दिया वीणा वादिनी पब्लिक स्कूल। बुधेला गांव के साथ अन्य आस-पास के गांवो के करीब 200 बच्चें इस स्कूल में पढ़ने आते है। वीणा स्कूल की खास बात यह की स्कूल में पढ़ने वाले हर बच्चें में दोनो हाथो से लिखने के हुनर है। 

दोनो हाथो से लिख सकते है अलग-अलग भाषा में

स्कूल संस्थापक वीपी शर्मा अपने इस स्कूल के बारे में बात करते हुए बताते है कि - “ स्कूल में दाखिले के साथ ही इस खास हुनर को सीखने की बच्चों की ट्रेनिग शुरु हो जाती है। जब तक बच्चें पहली कक्षा से तीसरी कक्षा में पहुंचते है वो दोनो हाथो से लिखने में 70 फीसदी ट्रेड हो जाते है। जब बच्चें कक्षा 7-8 में पहुंचते है तो वो दोनो हाथो से स्पीड के साथ शुद्ध लिखना सीख जाते है। दोनो हाथो से अलग-अलग भाषा में एक साथ लिखने की बच्चों ट्रेनिंग होती है। 7-8 वीं क्लास पास करने के बाद बच्चें अपने दोनो हाथो से 2 अलग-अलग लिपिया लिखने में परफेक्ट हो जाते है।

6 भाषाओं की दी जाती है शिक्षा

दोनो हाथो से अलग-अलग लिपिया लिखने से बच्चों में एक साथ दो विषयों पर काम करने में आसानी होती है। जहां दो विषयों पर काम करने के लिए घंटो लगते है वही दोनो हाथो से लिखने के हुनर से इसे 30 मिनट के कम समय में ही पुरा कर लिया जाता है। वीणा वादिनी स्कूल के संस्थापक वीपी शर्मा ने बताया की स्कूल में बच्चों को उर्दू , स्पेनिश , रोमन, व अग्रेजी के साथ कुल 6 लिपियों की शिक्षा दी जाती है। अपने दोनो हाथो से लिखने के हुनर से यहां पढ़ने वाला हर बच्चा 11 घंटे में 24000 वर्ड तक लिख सकता है।

योग के साथ होती है स्कूल की शुरुआत

वीपी सिंह द्वारा स्थापित वीणा वादिनी यह स्कूल कक्षा 8 तक है। लेकिन जो इस स्कूल के बच्चों में हुनर है वो शहरो की लाखो रुपये फीस वाली स्कूल के बच्चों में भी नही है। स्कूल में पढ़ने वाले हर बच्चें को 80 से 100 तक के पहाड़ो का ज्ञान है। स्कूल सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलती है। सुबह स्कूल में बच्चों की क्लास शुरु होने से पहले 2 घंटे योगा करवाया जाता है ताकी बच्चों का मन शांत व एकाग्र रह सकें।

अनोखा स्कूल - पढ़ने वाला हर स्टूडेंट लिखता है दोनों हाथो से | Veena Vadini School Story In Hindi