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श्री कृष्ण जी की मनमोहक कविताएं | Top HD Photos And Poems Of Shree Krishna

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श्री कृष्ण जी की मन मोह लेने वाली छवियाँ और कविताएं | Top HD Photos And Poems Of Shree Krishna in Hindi
#1 HD Photos And Poems Of Shree Krishna
कृष्ण तुम पर क्या लिखूं! कितना लिखूं!
रहोगे तुम फिर भी अपरिभाषित चाहे जितना लिखूं!
#2 Poems Of Shree Krishna
प्रेम का सागर लिखूं! या चेतना का चिंतन लिखूं!
प्रीति की गागर लिखूं या आत्मा का मंथन लिखूं!
रहोगे तुम फिर भी अपरिभाषित चाहे जितना लिखूं!
Via: images.herzindagi
#3 Hindi Poems Of Shree Krishna
ज्ञानियों का गुंथन लिखूं या गाय का ग्वाला लिखूं!
कंस के लिए विष लिखूं या भक्तों का अमृत प्याला लिखूं।
रहोगे तुम फिर भी अपरिभाषित चाहे जितना लिखूं!
#4 Best Poems Of Shree Krishna
पृथ्वी का मानव लिखूं या निर्लिप्त योगेश्वर लिखूं।
चेतना चिंतक लिखूं या संतृप्त देवेश्वर लिखूं।
रहोगे तुम फिर भी अपरिभाषित चाहे जितना लिखूं!
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#5 Best Images Of Shree Krishna
जेल में जन्मा लिखूं या गोकुल का पलना लिखूं।
देवकी की गोदी लिखूं या यशोदा का ललना लिखूं।
रहोगे तुम फिर भी अपरिभाषित चाहे जितना लिखूं!
#6 HD Images Of Shree Krishna
गोपियों का प्रिय लिखूं या राधा का प्रियतम लिखूं।
रुक्मणि का श्री लिखूं या सत्यभामा का श्रीतम लिखूं।
रहोगे तुम फिर भी अपरिभाषित चाहे जितना लिखूं!
#7 HD Images Of Krishna
देवकी का नंदन लिखूं या यशोदा का लाल लिखूं।
वासुदेव का तनय लिखूं या नंद का गोपाल लिखूं।
रहोगे तुम फिर भी अपरिभाषित चाहे जितना लिखूं!
#8 Krishna Poems & Quotes in Hindi
नदियों-सा बहता लिखूं या सागर-सा गहरा लिखूं।
झरनों-सा झरता लिखूं या प्रकृति का चेहरा लिखूं।
रहोगे तुम फिर भी अपरिभाषित चाहे जितना लिखूं!
#9 Krishna Poems & Quotes in Hindi
आत्मतत्व चिंतन लिखूं या प्राणेश्वर परमात्मा लिखूं।
स्थिर चित्त योगी लिखूं या यताति सर्वात्मा लिखूं।
रहोगे तुम फिर भी अपरिभाषित चाहे जितना लिखूं!
कृष्ण तुम पर क्या लिखूं! कितना लिखूं!
रहोगे तुम फिर भी अपरिभाषित चाहे जितना लिखूं!
#10. Krishna Poems & Quote
मोहक सी मुस्कान सजाए,
श्याम रंग मोहे चढ़ता जाये,
गीत मधुर जमुना तट पे मुरली कोई मधुर बजाए,
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ऐसा श्याम रंग मोहे कान्हा हर पल दिल को भाता जाए,
#11. Krishna Poems & HD Images
कभी ब्रज में नाच दिखाए,
कभी गोपियों संग रास रचाए,
कभी नटखट वो माखन चुराए,
यशोदा का वो नन्दलाला श्याम रंग मोहे भाता जाए,
#12. Best Krishna Poems & Quote in Hindi
कभी मुकुट मोरपंख भाए,
कभी राधा संग खेल दिखाए,
कभी बन के मीरा का श्याम प्रेम मधुर बरसाता जाए,
ऐसा मोहे श्याम रंग मोहक सी मुस्कान सजाए,
हर पल दिल को भाता जाए.
श्री कृष्ण जी की मनमोहक कविताएं | Top HD Photos And Poems Of Shree Krishna




