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दृष्टिहीन श्रीकांत बोला जीवन संघर्ष और करोड़ों की कंपनी के मालिक बनने का सफर | Srikanth Bolla

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"ज़िन्दगी बदलने के लिए लड़ना पड़ता है और आसान करने के लिए समझना पड़ता है"
नमस्कार दोस्तों आखों के बिना जीवन जीना मुश्किल है ये सभी लोग मानते है क्योंकि आखों के बिना कोई कार्य करना कितना मुश्किल है लेकिन दोस्तों इन सब बातों को एक शख्स ने अपनी मेहनत और लगन से इसे बिलकुल नकार दिया दोस्तों हम बात कर रहे है आन्ध्रपदेश के रहने वाले भारत के पहले अंतरराष्ट्रीय नेत्रहीन छात्र श्रीकांत बोला के बारे में जो वर्तमान में श्रीकांत बोल्ला बोल्टन इंडस्ट्रीज के संस्थापक है तो चलिए दोस्तों श्रीकांत बोला की इस संघर्ष भरी कहानी के बारे में और अधिक जानते है
श्रीकांत बोला शुरुआती जीवन | Shrikant Bola Early Life
श्रीकांत अपने बचपन से पढ़ाई में काफी होशियार थे घर की आर्थिक स्थित कमजोर होने के बावजूद श्रीकांत ने अपनी पढ़ाई को नहीं छोड़ा और 10 बोर्ड में अच्छे अंको से पास हुए श्रीकांत की पढ़ाई की प्रति इस लगन को देखते हुए उनके घर वाले भी उन्हें आगे और शिक्षा दिलाना चाहते थे लेकिन उनकी परेशानी यही खत्म नहीं हुई श्रीकांत अपनी 10 क्लास को पूर्ण करने के बाद साइंस विषय को चुनना चाहते थे लेकिन उन्हें एक ब्लाइंड होने के कारण इस विषय में आगे सीखा लेने की अनुमति नहीं मिली
लेकिन दोस्तों श्रीकांत ने अपने लक्ष्य का कभी पीछा नहीं छोड़ा उन्होंने कभी हर स्वीकार नहीं की अपनी शिक्षा के लिए श्रीकांत ने काफी लड़ाई लड़ी और अंत में उनकी लगन और मेहनत रंग ले और उन्हें आगे की शिक्षा साइंस से करने की अनुमति मिल गई श्रीकांत देश के पहले ऐसे ब्लाइंड स्टूडेंट थे जिन्हे साइंस से पढ़ाई करने का मौका मिला
MIT विश्वविद्यालय अमेरिका में प्रवेश - MIT University Admission Srikanth Bolla
सफलता की पहली सीढ़ी चढ़ने के बाद श्रीकांत ने कभी वापिस मुड़कर नहीं देखा श्रीकांत को अपनी स्कूली शिक्षा पूर्ण करने के बाद अमेरिका के मैसाचुसेट्स प्रौद्योगिकी संस्थान (MIT) में दाखिला मिला ये श्रीकांत के जीवन की सबसे बड़ी सफलता थी और वे देश के पहले ब्लाइंड विद्यार्थी बन गए जिन्हें MIT में प्रवेश मिला है
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"दया, ट्रैफिक सिग्नल पर किसी भिखारी को सिक्का देना बिलकुल नहीं है, बल्कि किसी को जीने का तरीका दिखाना और कुछ कर दिखाने का मौका देना है।" - श्रीकांत बोला
MIT अमेरिका से अपनी शिक्षा पूर्ण करने के बाद श्रीकांत ने भारत आ कर हैदराबद में अपनी कंपनी की शुरुआत की श्रीकांत के द्वारा स्थापित ये कंपनी देश के ब्लाइंड लोगो के लिए फ़ूड पैकेजिंग का कार्य शुरू किया अपने इस काम के लिए शुरुआत में श्रीकांत के पास मात्र 8 लोगो की टीम थी और धीरे-धीरे श्रीकांत ने अपनी से आसपास के कई बेरोजगरो को नौकरी दी लेकिन इस कार्य को और गति देने के लिए श्रीकांत के पास फण्ड की कमी होने लगी
लेकिन श्रीकांत ने अपने इस कार्य को गति देने लिए कभी नहीं रुके उन्होंने कई बड़ी कंपनियों संस्थाओँ से अपने इस कार्य के लिए फण्ड जुटाया दोस्तों श्रीकांत ब्लाइंड होते हुए भी अपनी कंपनी को उन उचाईयों पर ले गए जो लक्ष्य के प्रति अपनी मेहनत और लगन को दर्शाता है दोस्तों आज श्री कांत की कंपनी के हैदराबाद और तेलगाना में 4 प्लांट स्थापित है और आज हजारो की संख्या में बेरोजगारों यहां काम कर रहे है
दृष्टिहीन श्रीकांत बोला जीवन संघर्ष और करोड़ों की कंपनी के मालिक बनने का सफर | Srikanth Bolla




