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SWIGGY एक सफल स्टार्टअप जो पहुंचाता है मनपसंद खाना आपके घर तक | Swiggy CEO Sriharsha Majety

By N.j / About :-2 years ago

स्विग्गी के CEO श्रीहर्षा मजेटी की असफलता से सफलता की पूरी कहानी | Swiggy Startup Success Story In Hindi

दोस्तों रहीम दास जी का एक दोहा है 

“धीरे धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होये,
माली सींचे सौ गहरा, ऋतु आए फल होए।”

ये दोहा स्विग्गी के संस्थापक श्रीहर्षा मजेटी के जीवन पर काफी हद तक फिट बैठता है दोस्तों इंसान के जन्म से मृत्यु तक उसके जीवन में कई बार उतार चढ़ाव आते है। और ये एक जीवन का अनमोल हिस्सा है। लेकिन दोस्तों जीवन की दौड़ भाग में वहीं व्यक्ति सफल हो पाता जो इन सभी मुश्किलों से बिना घबराते हुए सीना तान कर सामना करता है। जीवन में कार्य के प्रति लगन और मेहनत ही सफलता का मूल मंत्र है.

चलिए दोस्तों आज हम आज ऐसे ही एक व्यक्ति के बारे में जानते है जिनको हम आज उनके नाम से ज्यादा उनके काम से जानते है। इस शख्स का हमारे जीवन में एक अनोखा योगदान है जो आज किसी से नहीं छुपा है। वो शख्स है स्विग्गी के संस्थापक सी ई ओ, श्रीहर्षा मजेटी.

श्रीहर्षा मजेटी का जन्म एक व्यवसायी परिवार में हुआ था। इनके पिता का आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में एक भोजनालय है । इनकी माता एक डॉक्टर है।

Swigge CEO श्रीहर्षा की शिक्षा | Sriharsha Majety Education

अपनी स्कूली शिक्षा पूर्ण होने के बाद श्रीहर्षा ने बिट्स पिलानी से इंजीनियरिंग की डिग्री ली इस दौरान श्रीहर्षा को कई लोगो से मुलाकात करने का मौका मिला। अपनी इंजीनियरिंग की शिक्षा पूर्ण होने के बाद श्रीहर्षा ने पुरे एक साल तक अपनी किस्मत को आजमाया बाद में IIM कलकत्ता से मैनेजमेंट की पढ़ाई करना शुरू कर दी श्रीहर्षा बचपन से घूमने के काफी शौक़ीन थे। श्रीहर्षा ने बताया की उनके इस घूमने के शौक से उनको जीवन में कई चीजे सीखने को मिली और वो मेरे व्यावसायिक जीवन मे महत्वपूर्ण साबित हुई.

श्रीहर्षा की पहली नौकरी और पहले व्यवसाय की शुरुआत | Sriharsha Majety Career

अपनी मैनेजमेंट की पढ़ाई पूरी होने के बाद श्रीहर्षा 2007 में लंदन चले गए। वहां पर श्रीहर्षा ने एक बैंक में नौकरी की. बैंक में 1 साल काम करने के बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी और वहां से अपने देश भारत लोट आये श्रीहर्षा की चाहत थी की मै खुद का एक स्टार्टअप शुरू करू जिससे सभी लोगो को फायदा पहुंचे और वो इस कार्य में लग गए उन्होंने देखा की भारत में इस समय ऑनलाइन शॉपिंग काफी तेजी  से ग्रोथ कर रही है। श्रीहर्षा अपने इस बिजनेस के प्रेरणास्रोत रेड बस के CEO फणीन्द्र सामा हैं। श्रीहर्षा ने अपने एक दोस्त नंदा रेड्डी के साथ मिलकर एक सॉफ्टवेयर बनाने की कोशिश की जो वितरण एवं लोडिंग का कार्य कर सके दोनों ने इसका सफल निर्माण किया और उसका नाम रखा बंडल।

हर चुनौती का किया सामना 

सॉफ्टवेयर को बनाने के बाद श्रीहर्षा और उनके दोस्त को अच्छे से मालूम था की ऑनलाइन विक्रेता के सामने सबसे बड़ी समस्या होती है उसका वितरण। इस समस्या से पार पाने के लिए श्रीहर्षा को जरुरत थी एक प्रौद्योगिकी की लेकिन श्रीहर्षा  का कोई भी मित्र उनके इस व्यवसाय में जोखिम नहीं लेना चाहता था।

श्रीहर्षा का जब तक सॉफ्टवेयर पूर्ण रूप से तैयार होता तब तक तो अन्य विक्रेताओं के पास इसके वितरण का सॉफ्टवेयर आ गया था। इसी के चलते श्रीहर्षा को बंडल सॉफ्टवेयर की स्थापना के 1 साल बाद ही उन्हें इसे बंद करना पड़ा.

लेकिन दोस्तों श्रीहर्षा ने अपने पहले प्रयास मे विफल होने के बाद भी हार नहीं मानी और दूसरे सॉफ्टवेयर को बनाने की शुरुआत कर दी। लेकिन इस बार श्रीहर्षा ने अपने सोचने के अंदाज में थोड़ा बदलाव किया और इस कार्य थोड़ा रिसर्च किया और इसमें उन्हें पता लगा की लोग प्रौद्योगिकी पर ज्यादा निर्भर रहते है। आज हर व्यक्ति चाहता की वो ऑनलाइन सुविधा का घर बैठे-बैठे उसका लाभ ले सके फिर अपने किसी रिश्तेदार से मिलने के लिए वाहन को घर बुलाना हो या फिर घर बैठे ऑनलाइन खाना मंगवाना हो इसी सोच के साथ श्रीहर्षा ने स्विग्गी – Swiggy की स्थापना की.

स्विग्गी से हुए सफल | Swiggy Startup Information Hindi

दोस्तों स्विग्गी एक ऑनलाइन एप्प के माध्यम से  खाद्य सामग्री आर्डर करने वाला एक स्टार्टअप है । स्विग्गी की स्थापना अगस्त 2014 में हुई थी। स्विग्गी का मुख्यालय भारत के बेंगलुरु शहर में है। दोस्तों आज भारत में इस वेबसाइट का इस्तेमाल निम्न से लेकर उच्च स्तर का हर व्यक्ति करता है आज इंसान की भाग -दौड़  भरी जिंदगी में ये वेबसाइट काफी लाभदायक साबित हो रही है। आज इंसान इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से घर बैठे अपने फोन से अपने पसंद का खाना किसी भी रेस्टोरेंट से मंगवा सकता है।

इस व्यवसाय में पहला स्टार्टअप होने के कारण स्विग्गी ने कुछ सालो में ही पुरे भारत में अपनी पहचान कायम कर ली। यही कारण है की आज स्विग्गी भारत का ही नहीं दुनिया का सबसे बड़ा ऑनलाइन फ़ूड ऑर्डर करने वाला स्टार्टअप है । आज स्विग्गी से पांच लाख से भी ज्यादा कस्टमर जुड़े हुए है। आज खाना खाने से पहले स्विग्गी का नाम पहले आता है।

आज स्विग्गी ने अपने आप को देश के 25000 से भी ज्यादा रेस्टोरेंट को जोड़ रखा है। स्विग्गी भारत के 13 राज्यों में इस कार्य को कर रही है। दोस्तों ये सफलता की सीढ़ी स्विग्गी को एक रात में नहीं मिली है । किसी भी कार्य की शुरुआत करने से पहले हमें ये बात अच्छे से जान लेनी चाहिए की अपनी गलतियों से कुछ सीखे और उनको वापस ना दोहराते हुए आगे बढ़े तभी हम किसी कार्य में सफलता को प्राप्त कर सकते है।

स्विग्गी के CEO श्रीहर्षा मजेटी का मानना है की " जीवन में इंसान को अपनी असफलताओं से निराश नहीं होना चाहिए बल्कि उनके पीछे छुपे अनुभव को साथ लेकर आगे बढ़ना चाहिए" 

SWIGGY एक सफल स्टार्टअप जो पहुंचाता है मनपसंद खाना आपके घर तक | Swiggy CEO Sriharsha Majety