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पोलियो से लड़कर पैरालंपिक में पदक जीतने वाले वरुण भाटी | Varun Singh Bhati Story In Hindi

पोलियो से लड़कर पैरालंपिक में पदक जीतने वाले वरुण भाटी | Varun Singh Bhati Story In Hindi

In : Sport By storytimes About :-21 days ago
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जब मंजिलो के बीच बाधाएं बड़ी हो और उसे कोई हासिल करता है तब उसका नाम इतिहास में जोड़ा जाता है।

स्पोर्ट्स क्षेत्र में भी देश के लिए ऐसे कई खिलाड़ी हुए जिन्होंने अपने जीवन के मुश्किल हालातो से लड़ते हुए अपनी मंजिल पर कदम रखा। आज ऐसा ही हमारे पास उदारण है वरुण सिंह भाटी

बता दे की वरुण ने पैरा हाई जम्पर में अंतरराष्ट्रीय लेवल पर देश के लिए पदक जीत कर देश का नाम ऊंचा कर दिया। वरुण के लिए खेल चुनौती नही था

Varun Singh Bhati Story In Hindi

Source i.ytimg.com

बचपन में ही पोलिया होने की वजह से उन्हें चलने फिरने में समस्या आती थी। लेकिन कहते है ना की जब हौसलों की उड़ान लंबी हो तो तब मंजिल भी आसान बन जाती है। वरुण चाहते थी की उनके जीवन में पोलियो उनकी कमजारी न बने इसके लिए उन्होंने स्कूल में स्पोट्स को चुना।

खेल को ही जीवन मानने वाले वरुण की स्कूल के बाद कॉलेज में इसके प्रति लगन और बढ़ गई। वो अपनी ट्रेनिंग पर ज्याद फोकस करने लगे। पोलिया होने के बावजूद हार न मानकर लगातार वरुण की यह मेहनत उन्हें एक बड़े मुकाम तक लेकर जाने वाली थी।

Varun Singh Bhati Story In Hindi

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वरुण के प्रयास सफल हुए साल 2012 में उन्होंने पैरालिम्पिक्स में क्वालियफाई कर लिया। लेकिन अपने पहले प्रयास में एक स्लॉट की कमी के चलते उन्हें प्रथम बार में अंतरराष्ट्रीय लेवल पर देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर नही मिल पाया।

लेकिन अपनी एक असफलता से वरुण टूटे नही और फिर से अपने प्रयासो में लग गए। साल 2014 में आयोजित पैरा खेलों में 5 वां स्थान हासिल कर बता दिया की वो रुकने वाले नही है। इसी वर्ष चाइना ओपन एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में उन्होंने गोल्ड मेंडल हासिल किया।

एक के बाद एक सफलताओं के बाद वरुण ने साल 2016 में पैरालिम्पिक्स में कांस्य पदक हासिल किया। इसी वर्ष आईपीसी एथलेटिक्स एशिया -ओशिनिया चैम्पियनशिप में गोल्ड मेंडल जीत कर एशिया के लिए अनोखा रिकॉर्ड कायम किया। साल 2018 में एशियाई पैरा खेलों में रजत पदक भी अपने नाम किया।

Varun Singh Bhati Story In HindiSource im.indiatimes.in

वरुण भाटी को वर्ष 2017 में टाइम्स ऑफ इंडिया स्पोर्ट्स ने पैरा एथलिथ ऑफ ईयर के रुप में चुना। बचपन में पोलिया का शिकार होने के बावजूद स्पोर्ट्स में देश के लिए एक अलग मुकाम हासिल करने व लोगो तक स्पोर्ट्स के प्रती प्रेरक बनने के लिए 2018 में भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोंविद ने उन्हें अर्जुन अवार्ड देकर सम्मानित किया।

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