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इस पैरालाइज इंसान ने बना दिया कोटा को शिक्षा की नगरी | Vinod Kumar Bansal In Hindi

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बंसल क्लासेस से निकलते है IIT में टॉप करने वाले सबसे ज्यादा स्टूडेंट | Bansal Classes kota, Bansal Institute India
दोस्तों आज हम बात करने वाले है शिक्षा की नगरी कोटा के बारे में. दोस्तों आज कोटा शहर की जहां हर गली में कई युवाओं को आप सपने की उड़ान भरते हुए देख सकते है। दोस्तों आज राजस्थान के कोटा शहर को को शिक्षा के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। दोस्तों शुरू से कोटा शहर शिक्षा की नगरी नहीं था इससे पहले औद्योगिक नगरी के नाम से जाना जाता था। लेकिन दोस्तों एक शख्स के हौसले और जुनून ने कोटा कोचिंग सिटी यानी शिक्षण नगरी बना दिया। वो शख्स पैरो से लाचार था लेकिन दोस्तों उस शख्स के सपने उड़ान लेते थे। दोस्तों उस शख्स का नाम है वीके बंसल उर्फ़ विनोद कुमार बंसल (Vinod Kumar Bansal) ये कोटा की बंसल क्लासेस कोटा (Bansal Classes Kota) के फाउंडर है। तो चलिए दोस्तों विनोद कुमार बंसल के इस पुरे संघर्ष के बारे में जानते है।
विनोद बंसल का जन्म उत्तरप्रदेश के झांसी जिले में भारत की आजादी के दो साल बाद 1949 में हुआ। इनके पिता का नाम B.D अग्रवाल और माता का नाम अंगूरी देवी था। बंसल के पिता एक सरकारी पद पर कार्यरत थे। लेकिन फिर भी घर में हमेशा पैसो की कमी रहती थी। साल 1954 में बंसल के पिता का ट्रांसफर लखनऊ में हो गया इस वजह से विनोद बंसल भी अपने पिता के साथ लखनऊ चले गए और वही पढ़ने लग गए.
एक बार विनोद बंसल रात के समय लालटेन के नीचे बैठ कर पढ़ाई कर रहे थे तब उनके पिता ने विनोद को कहा तुम इस बार टॉप करो घर में लाइट आ जाएगी। बस इसी बात ने विनोद बंसल के अंदर जुनून भर दिया और वो रात दिन पढ़ाई करने लग गए। और उनकी सफलता रंग भी लाई और कक्षा 6,7 और 8 में टॉप किया इस उपलब्धि के चलते उन्हें 372 रूपये की छात्रवृत्ति मिली। और इन पैसो से घर में लाइट भी लगी और टेबल फैन भी आ गया।
स्कूली शिक्षा पूरी होने के बाद उनका उनका एडमिशन BHU यूनिवर्सिटी में हो गया। पढ़ाई के बीच में ही उन्हें कोटा की एक कंपनी से जॉब का ऑफर आया और वो कोटा आ गए।
बीमारी ने बना दिया शिक्षक | Vk Bansal In Hindi
दोस्तों जब विनोद बंसल कोटा की एक केमिकल कंपनी में जॉब कर रहे थे। तब विनोद बंसल को शारीरिक परेशानी होने लगी। और उन्हें अपने पैरो में कमजोरी महसूस होने लगी । इस समस्या को ले कर वो डॉक्टर से मिले उन्होंने बताया की ये काफी गंभीर समस्या है और आपकी बॉडी कुछ ही दिनों में हलचल करना बंद कर देगी।
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और साल 1983 को विनोद बंसल का शरीर पूरी तरह पैरालाइज हो गया। काफी दिनों तक बिस्तर में रहने के बाद विनोद काफी बोर (Boredom) गए । तब उनके दिमाग में एक आईडिया आया क्यों ना कोचिंग सेंटर खोल लिया जाये और उन्होंने बंसल क्लासेस खोल लिया और ये चल भी गया शुरुआती 1 साल में अपनी कोचिंग बिना नाम दिए ही चलाई लेकिन बाद में इन्होंने बंसल क्लासेस का नाम दिया जिसे आज पूरी दुनिया जानती है.
कोटा में केसे हुई बंसल क्लासेस की शुरुवात | Vinod Kumar Bansal Career
दोस्तों हम जब भी किसी कार्य की शुरुआत करते है तब शुरुआत में हमें काफी मुश्किलों सामना करना पड़ता है। जब विनोद बंसल ने कोचिंग संस्थान की शुरुआत की तब उनकी कोचिंग में सिर्फ एक बच्चा आता था। विनोद ने फिर भी संयम रखा और मेहनत की. कुछ महीनो में ही उनकी मेहनत रंग लाई और धीरे-धीरे कोचिंग में बच्चो की संख्या में इजाफा होने लगा लेकिन दोस्तों दूसरी तरफ विनोद की शारीरिक समस्या और बढ़ गई और उनका शरीर काफी कमजोर हो गया विनोद ने अपनी अवस्था को देख कर कोचिंग में स्टाप बढ़ा दिया और कोचिंग में अब बच्चे भी काफी भी बढ़ गई।
IIT में टॉप करने वाले सबसे ज्यादा स्टूडेंट | Bansal Coaching Topper Name List
दोस्तों बंसल क्लासेज की स्टोरी तब और रोचक बनी जब उनकी कोचिंग के स्टूडेंट IIT में टॉप करने लगे। दोस्तों IIT में में टॉप करने वाले ये बड़े नाम डूंगराराम चौधरी, शितिकांत, अचिन बंसल ये सब टॉपर बंसल क्लासेस से निकले है। लेकिन दोस्तों विनोद बंसल का परेशानियों ने पीछा नहीं छोड़ा और उन्हें एक दिन क्लास में पढ़ाते समय हार्ट अटैक आ गया उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया । अब उनके दिमाग ने भी काम करना बंद कर दिया था ।
कुछ दिनों बाद विनोद ने फिजियो की सहायता ली इसके बाद वो सामान्य होने लग गए और क्लास में जाने लग गए।
बंसल क्लासेस विनोद कहते की मेरे पास कई Highest Taxpayer सर्टिफिकेट है। इन से मुझे काफी खुशी मिलती है। और मैने एक बार एक साल का 40 करोड़ टैक्स भी भरा है।
मुझे कई बार इनकम टैक्स के अधिकारी कहते है की कुछ पैसे हमें दो और बाकी आप रख लो । लेकिन मैने ईमानदारी और मेहनत से कमाये पैसो में बेईमानी नहीं की । दोस्तों विनोद बंसल पहले ऐसे शख्स थे जिन्होने कोटा शहर को कोचिंग की अवधारणा दी ना जाने आज देश में कितनी कोचिंग क्लासेस है लेकिन सब विनोद बंसल को ही गुरु मानते है। बंसल आज व्हीलचेयर की सहायता से चलते है दोस्तों आज भी विनोद बंसल के सपने में क्लास लेने की इच्छा जिंदा है।
इस पैरालाइज इंसान ने बना दिया कोटा को शिक्षा की नगरी | Vinod Kumar Bansal In Hindi




