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आखिर राजा - महाराजा अधिक शादियां क्यों करते थे ? | Why Did the Maharaja do More Marriages?

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आज जब भी हम किसी राजा-महाराजा के इतिहास के बारें में जानते है तब हमारे सामने अनोखी व सोचने वाली बात सामने आती है कि आखिर राजा महाराजा अधिक शादियां क्यों करते थें ? व इसके पीछे ऐसी क्या वजह होती थी की वो इतनी शादियां करते थें। वही दोस्तो हम राजा-महाराजाओं के विपरीत आज 21 वीं सदी कि बात करे तो यहां एक शादी के बाद ही आदमी परेशान हो जाता है। वह शादी के कुछ साल बाद ही उनके जीवन में बड़े बदलाव देखने को मिलते है। दोस्तो इतिहास में एक से अधिक शादियों की लिस्ट में राजा दशरथ जिनके 3 पत्नियां थी। वही हम मुगल साम्राज्य के इतिहास को देखे तो कई मुगल सम्राट थे जिन्होंने कई शादियां की थी।
दोस्तो आज हम इतिहास में राजा-महाराजाओं की शादियों के बारे में विचार करे तो यह बातें एक इतिहास के रुप में ही अच्छी लगती है। आज के दौर में यह करना गर्म अंगारो पर चलने जैसा है। 21 वीं सदी के व्यक्ति को यह कह दे तो वो कहेगा यार एक भारी पड़ रही है जीना नही है क्या आगे। आज जमाना दुसरा है 3 शादियां तो दूर व्यक्ति एक शादी से भी हाथ जोड़ लेता है। अब यह बातें इतिहास में ही अच्छी लगती है की उस राजा के 4 रानियां थी उसके 5 थी।
दोस्तो आज हम जब भी राजा-महाराजाओं के इतिहास के बारे में जानते है तब राजा अपनी रानियों के पास हफ्तों व महिनों के हिसाब से जाते थें। मगर इतिहास में राजाओं की एक से अधिक शादियां करने के पीछें सबसे बड़ा सवाल उठता है कि आखिर राजा - महाराजा इतनी शादियां क्यों करते थें ? तो चलिए दोस्तो आज जानते है कि राजा महाराजा एक से अधिक शादियां क्यो करते थें। इसके पीछे कई वजह छुपी है जो इस प्रकार है।
पहला कारण
हम राजा महाराजाओं कि अनेक शादियों के बारें में बात करे तो इसका पहला कारण था कि राजा कई कुनबो का राजा होता था। कई कुनबो का राजा होने के कारण राजा पर इन शादियों से आर्थिक प्रभाव भी नही पड़ता था। राजा इतने सक्षम होते थे कि वो एक से अधिक रानियों को रख सकते थें।
दुसरा कारण
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राजा एक राज्य का राजा होता था उसके आदेश पूरे राज्य में सर्वमान्य होते थें। यही कारण है कि राजा को जब अपने राज्य में कोई स्त्री पसंद आती तो वो उससे विवाह प्रस्ताव भेज देते थें। राज्य का राजा होने के चलते उनके पास सभी अधिकार होते थें बिना भय के राजा किसी भी स्त्री को शादी के लिए मजबूर कर सकता था। राजा के एक आदेश के बाद लड़की की पसंद-नापंसद कुछ नही समझी जाती थी बस राजा के आदेश की पालना करनी होती थी, तब प्रजा के लोग इस बात के लिए खुश होते थे कि उनकी बेटी को राजा ने पसंद किया क्योंकि उन्हें राजा के दरबार में शादी के बाद छोटा-मोटा पद दे दिया जाता था। यही कारण था की तब राजा महाराजा कई शादियां रचा लेते थें।
तीसरा कारण
इतिहास के अनुसार हर राजा अपने महल में नृत्यकियों के नृत्य का आयोजन करवाता था। इस दौरान उन नृत्कियों के नाच के बाद जब राजा को नृतकी पंसद आ जाती तब वो उसके साथ विवाह रचा लेते क्योंकि बिना शादी किसी के साथ सोना अमर्यादित मानते थें उनका दरबार में मान होता था बस इसी को बनाए रखने के लिए वो शादी कर लेते थें।
चौथा कारण
एक साम्राज्य के दरबार में जन्म लेने के कारण राजा अपनी हर इच्छा को पूरा करना उनकी आदत बन जाती थी। हर राजा को अपनी प्रजा में मौजूद सुंदर लड़कियों को पाने की चाहत होती थी। अपनी प्रजा में सुंदर लड़कियों को पाने के लिए वो उनसे शादी कर लेते जो उनके लिए सबसे आसान तरीका रहता था क्योकि एक बार शादी के बाद उन्हें कैसे रखना है इसकी चिंता दरबार के नौकर चाकर पर होती थी।
पांचवा कारण
पांचवें कारण को राजा द्वारा कि गई ज्यादा शादियों का सबसे बड़ा कारण मान सकते है। क्योंकि यह वो दौर था जब महिलाओं के प्रति कोई अधिकार नही थें। क्योंकि तब राजा का खुद का संविधान होता था। यही कारण है कि राजा अपनी इच्छा के अनुसार किसी से भी व कितनी भी शादियां कर सकता था। लोगो सोच बस राजा के आदेश का पालन करने तक ही सीमित रहती थी।
एक प्रजा का शासक होने व धन से पूर्ण होने कारण राजा अधिक शादियां कर लेते थें। यदि किसी प्रजा के राजा के संतान नही होती तब राजा संतान को पाने व अपने राज्य उत्तराअधिकारी पाने की लालस में कई शादियां कर लेता था।
राजा - महाराजाओं के समय एक राजा दुसरे राज्य के राजा से ज्यादा महान दिखने के लिए भी एक दुसरे से हर मामले में प्रतिस्पर्धा में लगे रहते थें। किस राज के कितनी सुंदर पत्नियां है। बस अपना नाम बनाने व दुसरे राज्य के राजा को नीचा दिखाने के चक्क्र में यह कई शादियां कर लेते थें। साथ ही राजा युद्ध की संधियों को निभाने के लिए भी कई शादियां कर लेता था।
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